सिरका गैस त्रासदी पर बरसे बाबूलाल मरांडी, पीड़ित परिवारों से मिलकर उठाए गंभीर सवाल; रेस्क्यू में देरी और अवैध वसूली के आरोप

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घटना स्थल का निरीक्षण करते बाबूलाल मरांडी 

रामगढ़ (झारखंड) : सिरका क्षेत्र की बंद पड़ी खदान में जहरीली गैस रिसाव से चार लोगों की मौत के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी रविवार को रामगढ़ पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख जताया। इस दौरान उन्होंने हादसे को केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया।

स्थानीय लोगों से जानकारी लेते बाबूलाल मरांडी

रामगढ़ आगमन पर होटल सैनी में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे सीधे अरगड्डा क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

पटेल चौक पर बाबूलाल मरांडी का स्वागत करते भाजपायी

मरांडी ने कहा कि बंद खदान में एक व्यक्ति के गिरने के बाद उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग अंदर उतरे और देखते ही देखते चार लोगों की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद सीसीएल की रेस्क्यू टीम करीब दो घंटे की देरी से पहुंची। उनके अनुसार गैस रिसाव जैसी घटनाओं में शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है और यदि समय पर बचाव कार्य शुरू किया जाता तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

उन्होंने सिरका सहित कोयलांचल क्षेत्र की परित्यक्त खदानों को “मौत का जाल” बताते हुए कहा कि इन खतरनाक स्थलों की पर्याप्त घेराबंदी नहीं होने के कारण लगातार हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने सीसीएल प्रबंधन से सभी बंद खदानों की पहचान कर मजबूत घेराबंदी, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष ने घटना के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में घायलों को रांची ले जाना चाहते थे तो प्रशासन को सहयोगात्मक रवैया अपनाना चाहिए था। ऐसे मामलों में मानवीय संवेदनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मरांडी ने रेस्क्यू व्यवस्था को लेकर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बचाव कार्य के दौरान पांच हजार रुपये की मांग की गई। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सही पाया जाता है तो यह अत्यंत अमानवीय और शर्मनाक है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।

इस दौरान उन्होंने कोयला तस्करी, अवैध खनन और अवैध वसूली के मुद्दे को भी उठाया। उनका कहना था कि क्षेत्र में सक्रिय कोयला माफिया न केवल अवैध खनन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि चोरी के कोयले की बिक्री का भी नेटवर्क संचालित करते हैं। उन्होंने व्यवस्था में व्यापक सुधार और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर बल दिया।

इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बावला, रनंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, इला रानी पाठक, डॉ. संजय प्रसाद सिंह, रंजीत पांडे, रंजन फौजी, विजय जायसवाल, राजीव जायसवाल, राजू चतुर्वेदी, जागेश्वर प्रजापति, बलराम महतो, रमेश करमाली, सर्वेश सिंह, राजीव पामदत्त, धनंजय कुमार पुटूस, प्रवीण कुमार सोनू, सुशांत पांडे, सरदार अनमोल सिंह, रूपा साहू, राजेश ठाकुर, विरेंद्र महली, सत्यजीत, ब्रजेश पाठक, रॉबिन गुप्ता, ऋषिकेश सिंह, अमित कुमार बावला, मनोज गिरी, विनोद मिश्रा, अजीत गुप्ता, रंजीत राम, मिथिलेश मंडल, मनोज कुमार सिंह, राम सहाय बेदिया, शंकर करमाली, निशा सिन्हा, देव कुमार, छोटन प्रजापति सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे. बाबूलाल मरांडी को पटेल चौक फोर लेन पर सैनी होटल के निकट भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।

सिरका गैस त्रासदी को लेकर बाबूलाल मरांडी के इन आरोपों और मांगों के बाद अब सीसीएल, प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने की मांग तेज हो गई है।