रामगढ़ कैंट (झारखंड) :श्री कृष्ण विद्या मंदिर में ‘फादर्स डे’ के अवसर पर भावनाओं, सम्मान और कृतज्ञता से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने पिता के त्याग, समर्पण और नि:स्वार्थ प्रेम को विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के जरिए अभिव्यक्त किया।
प्रार्थना सभा के शुभारंभ के साथ विज्ञान शिक्षक अभिषेक वर्मा ने पिता और माता की जीवन में अलग-अलग भूमिकाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जहां मां का प्रेम ममता और स्नेह के रूप में प्रत्यक्ष दिखाई देता है, वहीं पिता का प्रेम उनके मौन प्रयासों, अनगिनत त्याग और निरंतर संघर्षों में छिपा होता है।
पिता के इसी अदृश्य प्रेम, समर्पण और बलिदान को जीवंत रूप देने के लिए कक्षा आठवीं के विद्यार्थियों ने एक प्रभावशाली एवं हृदयस्पर्शी स्किट प्रस्तुत की। स्किट में दर्शाया गया कि किस प्रकार एक पिता स्वयं जीवन की कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बनाए रखने का प्रयास करता है। प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि पिता अपनी तकलीफों को भले ही व्यक्त न करें, लेकिन उनके हर संघर्ष के पीछे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता और प्रेम छिपा होता है।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ‘पापा मेरी जान’ गीत पर भावुक एवं मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया। नृत्य के माध्यम से पिता और संतान के अटूट एवं पवित्र रिश्ते को खूबसूरती से दर्शाया गया।
कार्यक्रम के दौरान ‘नवनीत ड्राइंग’ प्रतियोगिता के विजेताओं को प्राचार्या गुरप्रीत कौर, उपप्राचार्य विजय तिवारी एवं अन्य शिक्षकों द्वारा पुरस्कृत किया गया। वहीं सीसीए विभाग की ओर से विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए कई रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कक्षा एक से पांचवीं तक के विद्यार्थियों ने ‘कार्ड मेकिंग’ गतिविधि में भाग लेकर अपने पिता के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त किया। कक्षा छह से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘स्लोगन राइटिंग’ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने प्रेरणादायक नारों के माध्यम से पिता के महत्व को दर्शाया। वहीं कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों ने ‘निबंध लेखन’ एवं ‘पोस्टर मेकिंग’ प्रतियोगिता में भाग लेकर पिता के संघर्ष, प्रेम और योगदान को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विद्यालय में आयोजित ‘फादर्स डे’ समारोह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस महान व्यक्तित्व के प्रति श्रद्धा और सम्मान की अभिव्यक्ति था, जो अपने बच्चों की खुशियों और सफलता के लिए जीवन भर संघर्ष करता है।
कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि पिता का प्रेम भले ही शांत और मौन हो, लेकिन उसका प्रभाव जीवन भर संतान के जीवन को दिशा देता रहता है।