भरत तिवारी एनकाउंटर की सीबीआई या रिटायर्ड जज से हो जांच : अमरेश गणक

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रामगढ़ कैंट (झारखंड) : कान्यकुब्ज ब्राह्मण महासमिति झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष अमरेश गणक ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में हुए भारत भूषण तिवारी उर्फ भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश अथवा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराई जानी चाहिए।

अमरेश गणक ने जारी बयान में कहा कि भरत तिवारी मुठभेड़ मामले में सामने आए वीडियो और घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार द्वारा चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना स्वागत योग्य कदम है, लेकिन केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। मामले की समयबद्ध जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जानी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि 16 जून को भोजपुर पुलिस ने एक बयान जारी कर भरत तिवारी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया था तथा उनके इलाज के लिए मानसिक आरोग्यशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी। वहीं अगले ही दिन उनका एनकाउंटर हो गया। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अमरेश गणक ने कहा कि यदि भरत तिवारी किसी अपराध में दोषी थे तो उनके खिलाफ न्यायालय में मुकदमा चलाकर कानून के अनुसार सजा दिलाई जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया से गुजरने का अधिकार है।

महासमिति ने बिहार सरकार से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, भरत तिवारी के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान की जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

अमरेश गणक ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो ब्राह्मण समाज इस मुद्दे पर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगा।