कुजू (रामगढ़), झारखंड) :रामगढ़ जिले के कुजू क्षेत्र में पॉक्सो एक्ट के एक नामजद आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कथित तौर पर छोड़ दिए जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जून 2026 को दर्ज एक पॉक्सो मामले (कांड संख्या-0122) में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें मनी गिरी, बासुदेव गिरि और सुनील गिरी के नाम शामिल हैं। पुलिस इससे पहले मनी गिरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
ढाबे से हिरासत में लेने और छोड़ने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि 26 जून को मामले के अनुसंधानकर्ता ने फरार आरोपी बासुदेव गिरि को एक ढाबे से हिरासत में लिया था। आरोप है कि आरोपी को पुलिस वाहन तक ले जाने के बाद उसे वहीं से छोड़ दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आने का दावा किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।
पुलिस अधिकारी का पक्ष
मामले को लेकर पूछे जाने पर अनुसंधानकर्ता अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि घटना के समय का सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की ओर से अब तक इस मामले में कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों और पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वे मामले की शिकायत राज्य के वरीय पुलिस अधिकारियों से करेंगे। फिलहाल इस पूरे प्रकरण पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।