चितरपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई, सरसों तेल का नमूना जांच को भेजा, बिना लाइसेंस संचालन पर नोटिस

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चितरपुर (रामगढ़), झारखंड : रजरप्पा थाना क्षेत्र के गांगी-जमुनी स्थित एक किराना दुकान पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को छापेमारी कर सरसों तेल की पैकिंग और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। विभाग को सूचना मिली थी कि प्रतिष्ठान में बड़े पैक से तेल निकालकर छोटे पैकेटों में भरने का काम किया जा रहा है। मौके से सरसों तेल का नमूना लेकर उसे गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डेरिक तिग्गा और लुकेश रब्बानी के साथ रजरप्पा थाना के एसआई रंजीत महतो, अनिल सिंह और अशोक कुमार पुलिस बल सहित मौजूद रहे। टीम ने दुकान और गोदाम में रखे तेल के कार्टन, पैकेट तथा अन्य खाद्य सामग्री की गहन जांच की। अधिकारियों के पहुंचते ही आसपास के व्यापारियों में भी हलचल देखी गई।

प्राथमिक जांच में विभाग को ऐसे संकेत मिले कि बड़े कंटेनरों से सरसों तेल निकालकर अलग-अलग पैकेटों में भरा जा रहा था। इसी आधार पर तेल का नमूना संग्रहित कर परीक्षण के लिए भेजा गया है। विभाग का कहना है कि लैब रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

फूड लाइसेंस नहीं मिलने पर जारी किया नोटिस

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि संबंधित प्रतिष्ठान के पास खाद्य सुरक्षा विभाग का वैध लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। विभाग ने संचालक को नोटिस जारी करते हुए 30 दिनों के भीतर लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया है। तय समय सीमा के भीतर लाइसेंस नहीं लेने की स्थिति में जुर्माना समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान रिपैकेजिंग मशीन के अलावा बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री भी देखी, जिसकी वैधानिक जांच की जा रही है।

बिचौलियों से सावधान रहने की अपील

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी डेरिक तिग्गा ने व्यापारियों से कहा कि फूड लाइसेंस बनवाने के नाम पर सक्रिय दलालों और बिचौलियों से सतर्क रहें। उन्होंने बताया कि कुछ लोग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र को ही फूड लाइसेंस बताकर दुकानदारों से पैसे वसूलने की शिकायतें मिल रही हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य कारोबार के लिए वैध लाइसेंस केवल रामगढ़ सदर अस्पताल परिसर स्थित फूड एंड ड्रग भवन से ही जारी किया जाता है। व्यापारी सीधे विभाग से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस बनवाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना वैध फूड लाइसेंस के खाद्य व्यवसाय संचालित करने पर नियमानुसार पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

 हाल के दिनों में मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर बढ़ी सतर्कता के बीच विभाग लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी रख रहा है।