रामगढ़ (झारखंड) : श्री कृष्ण विद्या मंदिर में शनिवार को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (सीसीए) के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं ने विद्यालय परिसर को उत्साह, सृजनशीलता और सांस्कृतिक गरिमा से सराबोर कर दिया। नन्हे विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति से लेकर वरिष्ठ छात्रों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक, हर कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए क्ले मॉडलिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस दौरान बच्चों ने रंग-बिरंगी मिट्टी से अपनी कल्पनाओं को साकार करते हुए विभिन्न आकर्षक आकृतियां तैयार कीं। किसी ने पशु-पक्षियों की मनमोहक प्रतिकृतियां बनाई तो किसी ने प्रकृति, खिलौनों और दैनिक जीवन से प्रेरित कलात्मक मॉडल तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा, मौलिक सोच और कलात्मक अभिरुचि का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
इसके बाद आयोजित अंतर-सदनीय लोक नृत्य प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने भारतीय लोक संस्कृति की मनोहारी छटा प्रस्तुत की। पारंपरिक परिधानों और आकर्षक वेशभूषा में सजे प्रतिभागियों ने देश की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक विरासत को मंच पर जीवंत कर दिया। भावपूर्ण नृत्य, ताल-लय का अद्भुत सामंजस्य और अनुशासित प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
प्रतियोगिता के समापन पर टैगोर सदन को विजेता घोषित किया गया। विद्यालय की प्राचार्या ने विजेता टीम सहित सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल (अधिवक्ता) ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय में प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाली सीसीए गतिविधियां विद्यार्थियों के लिए नवाचार, ज्ञान और प्रेरणा का उत्कृष्ट मंच प्रदान करती हैं। ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, आत्म-अभिव्यक्ति, नेतृत्व क्षमता और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से ही नहीं, बल्कि रचनात्मक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाना है। शनिवार का यह आयोजन विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा और सृजनशीलता को समर्पित रहा।