रामगढ़ (झारखंड) :ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की ओर से रविवार को सैनी फैमिली रेस्टोरेंट, रामगढ़ के सभागार में इंडिया रूरल कलोकी (IRC)-2026 का आयोजन किया गया। “युवा, उद्यमिता एवं नवाचार के माध्यम से भविष्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का निर्माण” विषय पर आयोजित इस बहु-क्षेत्रीय संवाद में सरकारी विभागों, वित्तीय संस्थानों, उद्योग जगत, पंचायती राज संस्थाओं, स्वयं सहायता समूहों, उद्यमियों और विकास सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रामगढ़ जिले के वर्ष 2035 के ग्रामीण विकास विजन को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने, स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ाने तथा पंचायत आधारित विकास मॉडल को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करना था। वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण विकास में नवाचार, सामुदायिक भागीदारी और संस्थागत सहयोग की भूमिका आने वाले वर्षों में और अधिक महत्वपूर्ण होगी।
कार्यक्रम की शुरुआत कौशिक द्वारा इंडिया रूरल कलोकी की अवधारणा और उद्देश्यों की जानकारी के साथ हुई। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं के लिए उपलब्ध संभावनाओं, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और नवाचार आधारित आर्थिक मॉडल विकसित करने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस दौरान जीओवाईएन वाइएजी एवं एवाइपी एंबेस्डरस के प्रतिनिधियों ने टीइडी-शैली के प्रेरक सत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने युवाओं की नेतृत्व क्षमता, सामाजिक नवाचार और सामुदायिक विकास में उनकी भूमिका पर अपने अनुभव साझा किए। इसी क्रम में “कायदामित्र “ नामक युवा-नेतृत्व वाले कानूनी सहायता मंच का परिचय भी कराया गया, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सरल और सुलभ कानूनी जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में “साझा कैफे” मॉडल को भी प्रस्तुत किया गया। यह पंचायत समर्थित सामुदायिक उद्यम मॉडल है, जिसके माध्यम से स्थानीय खाद्य उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। वक्ताओं ने बताया कि यह मॉडल ग्राम पंचायतों के स्वयं के राजस्व स्रोत विकसित करने में भी सहायक हो सकता है।
इसके बाद आयोजित उच्च स्तरीय राउंड टेबल चर्चा में जिंदल आईटीआई, पंचायती राज संस्थाओं, बैंकों, कौशल विकास संस्थानों, जिला उद्योग केंद्र तथा अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। चर्चा के दौरान कौशल विकास, उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप मानव संसाधन तैयार करने, वित्तीय सहायता, बाजार तक पहुंच और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहित करने जैसे विषयों पर सुझाव दिए गए।
कार्यक्रम के समापन सत्र में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि समूह आधारित उद्यमों से जुड़ने के बाद उनकी आय, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऐसे मॉडलों को और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता बताई।
अंत में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) ने पंचायत आधारित, समुदाय संचालित विकास मॉडल को मजबूत करने तथा विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि स्थानीय नेतृत्व, नवाचार और सामूहिक प्रयासों के बल पर रामगढ़ जिले के वर्ष 2035 के ग्रामीण आर्थिक विकास विजन को प्रभावी ढंग से साकार किया जा सकता है।