सदर अस्पताल रामगढ़ में औचक निरीक्षण, तीन चिकित्सकों पर कार्रवाई के निर्देश

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रामगढ़ कैंट, झारखंड : उपायुक्त श्री ऋतुराज ने बुधवार को सदर अस्पताल रामगढ़ का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, दवा-जांच, साफ-सफाई तथा मरीजों के लिए उपलब्ध अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान तीन चिकित्सकों के अनुपस्थित पाए जाने पर उपायुक्त ने उनके वेतन पर अगले आदेश तक रोक लगाने के साथ स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कीर्ति सिन्हा, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजन पांडे और डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अजीत कुमार सिंह अनुपस्थित मिले। उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने तथा संतोषजनक जवाब नहीं मिलने तक वेतन रोकने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को ऑर्थो, गायनो एवं मेडिसिन विभाग में प्रतिदिन दो-दो ओपीडी संचालित कराने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य मरीजों को समय पर चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना और अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत दिलाना है।

मरीजों से सीधे संवाद कर जानी समस्याएं

उपायुक्त ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण कर मरीजों से सीधे बातचीत की। उन्होंने मरीजों से चिकित्सा सुविधा, दवाओं की उपलब्धता, जांच, भोजन तथा अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और उनकी समस्याओं को सुना।

उन्होंने अस्पताल परिसर एवं वार्डों में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण करते हुए नियमित और बेहतर स्वच्छता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

ओपीडी से लेकर जांच केंद्र तक व्यवस्था का जायजा

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल के सभी ओपीडी, लैब, रजिस्ट्रेशन काउंटर, शौचालय, मेस, अल्ट्रासाउंड कक्ष और एक्स-रे कक्ष सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का जायजा लिया। रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों को होने वाली परेशानियों को दूर कर प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का निर्देश दिया।

मेस के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को निर्धारित समय पर भोजन उपलब्ध कराने तथा तय मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने को कहा।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों और चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल जिले की प्रमुख स्वास्थ्य संस्थाओं में शामिल है और यहां आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

उन्होंने सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों से अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा मरीजों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।