देवघर, झारखंड : सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के संयोग से देवघर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कांवरियों और श्रद्धालुओं से देवघर की गलियां और कांवरिया पथ बोल-बम के जयकारों से गूंज रहे हैं।
दस किलोमीटर तक पहुंची श्रद्धालुओं की कतार
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में तड़के से ही जलार्पण का सिलसिला शुरू हो गया। श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर से लेकर निर्धारित कतार स्थल तक लंबी लाइन लगी हुई है। प्रशासन और पुलिस की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
श्रावणी मेले के इस प्रमुख दिन पर तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जलार्पण करने की संभावना जताई जा रही है। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर पहुंच रहे कांवरियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
सावन सोमवार और नाग पंचमी का विशेष संयोग
सावन का सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस बार तीसरी सोमवारी के साथ नाग पंचमी का संयोग होने से शिव और नाग देवता की पूजा का धार्मिक महत्व और बढ़ गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव का जलाभिषेक करने के साथ नाग देवता की आराधना करना शुभ माना जाता है। श्रद्धालु इस अवसर पर शिवलिंग पर जल अर्पित करने के साथ विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
कांवरिया पथ पर गूंज रहा ‘बोल बम’
सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। जगह-जगह सेवा शिविरों के माध्यम से कांवरियों को भोजन, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
देवघर में सावन की तीसरी सोमवारी और नाग पंचमी के इस संयोग ने श्रावणी मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है। मंदिर परिसर से लेकर कांवरिया पथ तक हर ओर भक्ति और आस्था का माहौल नजर आ रहा है।