रामगढ़, झारखंड :झारखंड विधानसभा की याचिका समिति ने शनिवार को रामगढ़ जिले का दौरा किया। समिति के सदस्यों उदय शंकर सिंह, ममता देवी, नागेंद्र महतो एवं निर्मल महतो ने परिसदन सभागार में जिले के विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, लंबित याचिकाओं और जनसरोकार से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में झारखंड विधानसभा, रांची से प्राप्त याचिकाओं से संबंधित मामलों में अब तक हुई कार्रवाई की विभागवार जानकारी ली गई। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को लंबित याचिकाओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक मामले में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
कई विभागों के कार्यों की हुई समीक्षा
समिति ने राजस्व, पथ, राष्ट्रीय राजमार्ग, वन, ग्रामीण कार्य, नगर परिषद, वाणिज्य कर, भवन निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल एवं स्वच्छता, शिक्षा, कल्याण, भूमि संरक्षण, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, खनन, निबंधन एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, पर्यटन, खेलकूद एवं युवा कार्य, आपूर्ति, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली।
इस दौरान संबंधित विभागों से उनकी याचिकाओं, विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
विकास योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
बैठक में विकास योजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। समिति ने अधिकारियों से अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त करते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।
समिति के सदस्यों ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान, विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने और लंबित मामलों का नियमानुसार शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सुशासन और जनहित पर प्रशासन की प्रतिबद्धता
बैठक में जिला प्रशासन की ओर से जिले में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन की जानकारी समिति को दी गई। प्रशासन ने सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता के साथ योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की बात कही।