रामगढ़ जिले के बरकाकाना हेहल क्षेत्र स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में बड़ा हादसा, टरबाइन ब्लास्ट में तीन इंजीनियरों की मौत; एक की हालत गंभीर
रामगढ़ जिले के बरकाकाना हेहल क्षेत्र स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में बड़ा हादसा, टरबाइन ब्लास्ट में तीन इंजीनियरों की मौत; एक की हालत गंभीर
बरकाकाना (रामगढ़), झारखंड :रामगढ़ जिले के बरकाकाना हेहल क्षेत्र स्थित मां छिन्नमस्तिका सीमेंट एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक औद्योगिक हादसा हुआ। फैक्ट्री के टरबाइन कंट्रोल सिस्टम में खराबी के बाद हुए जोरदार विस्फोट और आग की चपेट में आने से तीन इंजीनियरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य इंजीनियर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
रात में अचानक बिगड़ी स्थिति
बताया गया कि शुक्रवार रात करीब 11:10 बजे टरबाइन पैनल में ओवरहीटिंग के कारण तकनीकी गड़बड़ी उत्पन्न हुई। उस समय शिफ्ट में चार तकनीकी कर्मचारी ड्यूटी पर थे। पैनल सिस्टम में खराबी आने के बाद कर्मचारियों ने इमरजेंसी सिस्टम को चालू करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रित नहीं हो सकी।
इसी दौरान टरबाइन में तेज धमाका हुआ। विस्फोट के बाद टरबाइन से तेल बाहर निकल गया और देखते ही देखते आग भड़क उठी। आग और विस्फोट की चपेट में आने से वहां मौजूद कर्मचारी गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
तीन इंजीनियरों ने मौके पर तोड़ा दम
हादसे में शिफ्ट इंचार्ज संजीव केसरी, इंजीनियर अभिषेक पांडेय और इंजीनियर विनीत महतो की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं इंजीनियर तरुण रवानी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
घायल तरुण रवानी को तत्काल इलाज के लिए रांची के एक निजी अस्पताल देवकमल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। तीनो इंजीनियर के शव भी अभी इसी अस्पताल में रखे हुए हैं ।
कई दिनों से खराब था कंट्रोल रूम का AC
फैक्ट्री में कार्यरत इंजीनियर अमित कुमार के अनुसार, टरबाइन पैनल वाले कंट्रोल रूम का एयर कंडीशनिंग सिस्टम पिछले कई दिनों से खराब था। कर्मचारियों की ओर से इसकी जानकारी प्रबंधन को दिए जाने की बात कही गई है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद समस्या के समाधान के लिए समय पर प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें तकनीकी अथवा प्रबंधन स्तर पर कोई लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
हादसे के बाद कर्मचारियों में आक्रोश
घटना के बाद फैक्ट्री के कर्मचारियों में नाराजगी का माहौल है। हादसे ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी उपकरणों के नियमित रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि संवेदनशील मशीनरी और कंट्रोल सिस्टम की समय-समय पर जांच तथा खराब उपकरणों की तत्काल मरम्मत बेहद जरूरी है।
फिलहाल तीन कर्मचारियों की मौत और एक के गंभीर रूप से घायल होने की घटना से इलाके में शोक का माहौल है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की तस्वीर साफ हो पाएगी।