उपायुक्त ऋतुराज ने गठित कराई उच्च स्तरीय जांच समिति, 15 दिनों में व्यवस्था सुधारने का निर्देश
पतरातू (रामगढ़), झारखंड :अभिभावकों से प्राप्त विभिन्न शिकायतों के आलोक में उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज ने शुक्रवार को जवाहर नवोदय विद्यालय, पतरातू का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों एवं कर्मियों की उपस्थिति, शैक्षणिक एवं आवासीय व्यवस्था, चिकित्सा केंद्र, भोजनालय, छात्रावास, खेल मैदान, पुस्तकालय सहित विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया गया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आने पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को कड़े निर्देश दिए।
शिक्षकों की अनुपस्थिति और उपस्थिति पंजी में गड़बड़ी
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजी के अनुसार कई शिक्षक विद्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए। वहीं, विद्यालय के प्राचार्य द्वारा उपस्थिति पंजी में आगामी दिनों की उपस्थिति दर्ज किए जाने का मामला भी सामने आया। उपायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सभी शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया।
चिकित्सा केंद्र की व्यवस्था पर जताई नाराजगी
चिकित्सा केंद्र के निरीक्षण के दौरान उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद स्टाफ नर्स कार्यस्थल से अनुपस्थित पाई गईं। निरीक्षण में उनके पूर्वाह्न 11:30 बजे कार्यस्थल पर पहुंचने की बात सामने आई। इसके अलावा चिकित्सा केंद्र की भंडार पंजी भी अद्यतन नहीं मिली। उपायुक्त ने संबंधित कर्मी से स्पष्टीकरण मांगने और मामले में जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
खेल सुविधाओं में मिली कमियां
विद्यालय में खेल शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। खेल कक्ष में आवश्यक उपकरणों की कमी के साथ खेल मैदान में भी कई कमियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि विद्यार्थी बांस से बनाए गए गोल पोस्ट का उपयोग कर रहे हैं। उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को खेल सुविधाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भोजनालय और छात्रावास की सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश
भोजनालय के निरीक्षण में साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। साथ ही भोजनालय की भंडार पंजी भी अद्यतन नहीं थी। छात्रावास में भी साफ-सफाई की कमी मिली। कई शौचालयों में पानी उपलब्ध नहीं होने अथवा उनके खराब होने की शिकायत सामने आई।
निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा इन व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण नहीं किया जा रहा था। उपायुक्त ने प्राचार्य को छात्रावास, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का नियमित निरीक्षण करते हुए तत्काल सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
छह माह से बंद फव्वारा निर्माण कार्य के दस्तावेज मांगे
विद्यालय की आधारभूत संरचनाओं से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान फव्वारा निर्माण कार्य पिछले छह माह से बंद पाया गया। उपायुक्त ने निर्माण कार्य से संबंधित सभी दस्तावेज, पंजी और अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि कार्य की प्रगति और विलंब के कारणों की जांच की जा सके।
पुस्तकालय में पुस्तक निर्गमन रजिस्टर का संधारण व्यवस्थित नहीं
पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान पुस्तक निर्गमन रजिस्टर का संधारण व्यवस्थित नहीं पाया गया। उपायुक्त ने पुस्तकों के निर्गमन और वापसी का विधिवत रिकॉर्ड रखने का निर्देश दिया, ताकि पुस्तकों के गुम होने अथवा अभिलेखों में विसंगतियों की संभावना को रोका जा सके।
निर्धारित पोशाक और विद्यालयी अनुशासन का पालन जरूरी
निरीक्षण के दौरान कई शिक्षकों के जींस और टी-शर्ट पहनकर विद्यालय आने का मामला भी सामने आया। उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को सभी शिक्षकों एवं कर्मियों द्वारा निर्धारित पोशाक, नियमों और विद्यालयी अनुशासन का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
विद्यार्थियों से संवाद कर जानी समस्याएं
उपायुक्त ऋतुराज ने निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा उनकी समस्याओं की जानकारी ली। विद्यार्थियों ने भोजन की गुणवत्ता में सुधार, रात के समय पढ़ाई के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सहित विभिन्न समस्याएं एवं सुझाव उनके समक्ष रखे।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य को उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
करियर और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए मार्गदर्शन
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान उपायुक्त ने उन्हें करियर परामर्श और आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप तैयारी करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
शिकायतों की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश
औचक निरीक्षण के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर उपायुक्त ने कहा कि अभिभावकों द्वारा की गई कई शिकायतें प्रथम दृष्टया सही पाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने अपर समाहर्ता, रामगढ़ की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने का निर्देश दिया है। समिति विद्यालय में सामने आई विभिन्न अनियमितताओं और शिकायतों की विस्तृत जांच करेगी।
15 दिनों में व्यवस्था सुधारने का निर्देश
उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर आवासीय सुविधा, स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, समुचित चिकित्सा सुविधा तथा आवश्यक खेल एवं शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना विद्यालय प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के आलोक में उपायुक्त ने प्राचार्य और सभी संबंधित शिक्षकों के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही, प्राचार्य के कार्य प्रदर्शन को देखते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी, रामगढ़ को शिक्षा मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने विद्यालय प्रबंधन को निर्धारित अवधि के भीतर सभी कमियों को दूर करते हुए विद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और आवासीय व्यवस्थाओं में स्पष्ट सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।