रामगढ़ कैंट, झारखंड : पितृपक्ष के अवसर पर रविवार को रामगढ़ के दामोदर नदी घाट पर सैकड़ों यजमानों ने विधि-विधान के साथ अपने पितरों का तर्पण किया। यह धार्मिक अनुष्ठान रामगढ़ के ब्राह्मण पंडित सुशांत कुमार पांडेय के मार्गदर्शन में संपन्न कराया गया।
तर्पण अनुष्ठान से पहले यजमानों ने दामोदर नदी में स्नान कर शुद्धि की और पूर्व दिशा की ओर मुख कर संकल्प लिया। इसके बाद शास्त्रोक्त विधि के अनुसार चावल, जौ और तिल से विभिन्न दिशाओं की ओर मुख कर पितरों को तर्पण अर्पित किया गया। अनुष्ठान के अंत में काले तिल के साथ तर्पण करते हुए पितरों की प्रसन्नता, शांति तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की गई।
पंडित सुशांत कुमार पांडेय ने बताया कि पितृपक्ष में तर्पण को पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का विशेष अनुष्ठान माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार विधिपूर्वक तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है तथा पितृदोष से निवारण की कामना की जाती है।
उन्होंने बताया कि दामोदर नदी घाट पर पितरों के तर्पण की यह परंपरा उनके परिवार में उनके दादा के समय से चली आ रही है। वर्ष 1992 से लगातार रामगढ़ के दामोदर नदी घाट पर यजमानों को विधि-विधान के साथ तर्पण कराया जा रहा है। यह परंपरा आज भी पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ जारी है।
अनुष्ठान के दौरान पंडित सुशांत कुमार पांडेय ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की कि सभी यजमानों और उनके परिवारों पर पितरों का आशीर्वाद बना रहे तथा सभी लोग सुखी, स्वस्थ और समृद्ध रहें।