रामगढ़ कैंट, झारखंड : शारदीय नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर रामगढ़ जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिर्की, प्रभारी अधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता समेत अन्य प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न पूजा पंडालों और मेला क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बड़काकाना स्थित पूजा पंडाल का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन, पेयजल, स्वच्छता, पार्किंग, झूले और दुकानों के लिए निर्धारित स्थान समेत अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। पूजा समितियों को निर्धारित सरकारी मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
बिना अनुमति नहीं लगेंगे झूले और स्टॉल
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि पूजा एवं मेला परिसर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। अनुमंडल पदाधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना किसी भी झूले, व्यावसायिक दुकान या खान-पान के स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं होगी। अनुमति देने से पहले संबंधित व्यवस्था की सुरक्षा मानकों के अनुरूप जांच की जाएगी।
अग्नि सुरक्षा को लेकर सभी पूजा पंडालों और खाद्य स्टॉलों में पर्याप्त संख्या में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। मेला क्षेत्र में बड़े व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
इसके अलावा पंडाल और मेला परिसर के आसपास पर्याप्त पेयजल, चालू अवस्था में सचल शौचालय, व्यवस्थित पार्किंग और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सीसीटीवी से होगी निगरानी, पुलिस बल रहेगा तैनात
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने बताया कि पूजा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। पंडालों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी लगातार निगरानी की जाएगी।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पूजा समितियों के स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहेगा। महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चेन स्नेचिंग और पॉकेटमारी जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
निर्धारित रूट से ही होगा प्रतिमा विसर्जन
प्रशासन ने पूजा समितियों को प्रतिमा विसर्जन के लिए पहले से निर्धारित एवं स्वीकृत मार्ग का ही इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। विसर्जन के दौरान निर्धारित रूट में बदलाव की अनुमति नहीं होगी।
जिला प्रशासन ने पूजा समितियों, आयोजकों और श्रद्धालुओं से सुरक्षा एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि दुर्गा पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।