कुजू रोहित हत्याकांड का 24 घंटे में खुलासा, पत्नी-सास-साले समेत चार गिरफ्तार ; शव ठिकाने लगाने में ऑटो का इस्तेमाल

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शराब की लत और पत्नी के कथित अवैध संबंध के शक को लेकर पारिवारिक विवाद की आशंका, गला घोंटकर हत्या करने का आरोप ; खून लगा लकड़ी का पट्टा और दुपट्टा बरामद

कुजू (रामगढ़), झारखंड :  रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र में सड़क किनारे मिले 38 वर्षीय रोहित कुमार के शव के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में मृतक की पत्नी, सास, साले और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद, रोहित की अत्यधिक शराब पीने की आदत और पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से कथित संबंध को लेकर संदेह की बात सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि विवाद के बाद रोहित की गला घोंटकर हत्या की गई और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को दूसरी जगह फेंक दिया गया। शव को ठिकाने लगाने में इस्तेमाल किए गए ऑटो की तलाश की जा रही है।

मामले का खुलासा कुजू ओपी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान रामगढ़ के एसडीपीओ आलोक रंजन ने किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया था। टीम ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने घटनास्थल से खून लगा लकड़ी का पट्टा और गला घोंटने में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाला दुपट्टा भी बरामद किया है।

21 अक्टूबर की सुबह सड़क किनारे मिला था शव

पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह सूचना मिली कि कुजू ओपी क्षेत्र के गिद्दी-नईसराय मार्ग पर झोपड़ी बस्ती के समीप परारू नाला पुल से पहले सड़क किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

बाद में मृतक की पहचान 38 वर्षीय रोहित कुमार, पिता स्वर्गीय हरिया प्रजापति, निवासी कहुवाबेड़ा, अरगड्डा, थाना रामगढ़ के रूप में हुई। पुलिस ने शव पर जख्म के निशान पाए। घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई गई कि रोहित की हत्या कहीं दूसरी जगह की गई और इसके बाद शव को लाकर सड़क किनारे फेंक दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच तेज कर दी। मृतक की पहचान होने के बाद उसके पारिवारिक और अन्य पहलुओं की पड़ताल की गई। इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

शराब की लत और संदेह को लेकर पारिवारिक तनाव की बात आई सामने

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रोहित के अत्यधिक शराब सेवन की आदत को लेकर परिवार में तनाव रहता था। इसके अलावा पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से कथित संबंध होने को लेकर भी संदेह और विवाद की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इन्हीं परिस्थितियों के बीच पारिवारिक विवाद बढ़ने और उसके बाद हत्या किए जाने का आरोप है।

जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के परिजनों और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की। पुलिस का आरोप है कि घटना के दिन विवाद के बाद रोहित की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। इसके बाद मामले को छिपाने और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई।

हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों और घटनाक्रम के संबंध में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया तथा साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही स्थापित होगा।

एसपी के निर्देश पर गठित हुई एसआईटी

हत्याकांड की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के निर्देश पर एसडीपीओ रामगढ़ आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। इसमें मांडू इंस्पेक्टर पंकज कुमार, कुजू ओपी के पुलिस अवर निरीक्षक अरविन्द कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक आशीष कुमार गौतम, पुलिस अवर निरीक्षक अभिनव कुमार, तकनीकी शाखा प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक मो. नौशाद, सहायक अवर निरीक्षक राजेश कुमार, रवि नारायण शर्मा, साक्षर आरक्षी दिलीप कुमार वर्णवाल और लालू सोरेन सहित तकनीकी शाखा रामगढ़ के कर्मी एवं सशस्त्र बल शामिल थे।

एसआईटी ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आरोपितों तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

गिरफ्तार आरोपितों में पत्नी, सास, साला और एक अन्य व्यक्ति शामिल

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार चार आरोपितों की पहचान इस प्रकार है:

  1. मो. शौकत अंसारी (35 वर्ष), पिता मो. मुख्तार अंसारी, निवासी नीमटोला मनुवा।

  2. अंजू देवी (32 वर्ष), पति स्वर्गीय रोहित कुमार, निवासी कहुवाबेड़ा, अरगड्डा; वर्तमान पता न्यू कॉलोनी बगीचा, रामगढ़।

  3. सुन्दरी देवी (51 वर्ष), पति स्वर्गीय कजरू प्रजापति, निवासी कोरचे, थाना रजरप्पा, जिला रामगढ़; वर्तमान पता न्यू कॉलोनी बगीचा, गोलपार, रामगढ़।

  4. दिनेश्वर प्रजापति (26 वर्ष), पिता स्वर्गीय काजरू प्रजापति, निवासी कोरचे, थाना रजरप्पा, जिला रामगढ़; वर्तमान पता न्यू कॉलोनी बगीचा, गोलपार, रामगढ़।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में मृतक की पत्नी, सास और साला शामिल हैं। चौथे आरोपित की भूमिका शव को ठिकाने लगाने से जुड़ी बताई गई है। पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान चारों आरोपितों ने अपना अपराध स्वीकार किया है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल ऑटो की तलाश

पुलिस जांच में शव को घटनास्थल तक पहुंचाने के लिए ऑटो का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस उस ऑटो की तलाश कर रही है, जिसका कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने में उपयोग किया गया था। इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य के रूप में खून लगा लकड़ी का पट्टा और गला घोंटने में इस्तेमाल किए जाने का संदेह वाला दुपट्टा बरामद किया है। बरामद वस्तुओं को जांच के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस घटना से संबंधित अन्य साक्ष्यों और परिस्थितियों की भी पड़ताल कर रही है।

चर्चित हत्याकांड में पुलिस की आगे की जांच जारी

कुजू क्षेत्र में सड़क किनारे शव मिलने की घटना के बाद इलाके में चर्चा का माहौल था। अब पुलिस द्वारा चार आरोपितों की गिरफ्तारी और कथित हत्या के घटनाक्रम का खुलासा किए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

पुलिस के अनुसार, हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। शव को घटनास्थल तक लाने में इस्तेमाल किए गए ऑटो की बरामदगी, उपलब्ध साक्ष्यों की जांच और आरोपितों की भूमिका से संबंधित तथ्यों को आगे की कानूनी कार्रवाई में शामिल किया जाएगा।

पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपितों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा किया जाएगा।