श्री कृष्ण विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को दिया गया सीपीआर का प्रशिक्षण, आपातकाल में जीवन बचाने के बताए तरीके

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रामगढ़ कैंट, झारखंड :  श्री कृष्ण विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को हृदय गति रुकने की स्थिति में दी जाने वाली जीवनरक्षक सहायता की जानकारी दी गई और इसकी व्यावहारिक प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

कार्यक्रम में एमवर्सिटी, रांची की सहयोगी प्रशिक्षण टीम ने भाग लिया। विद्यालय की प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने टीम के सदस्यों का स्वागत किया। प्रशिक्षण देने के लिए गजाला प्रवीण, दिवाकर प्रसाद और उनके सहयोगी विद्यालय पहुंचे थे।

प्रशिक्षण के दौरान गजाला प्रवीण ने विद्यार्थियों को सीपीआर देने की सही विधि, उसकी प्रक्रिया और आपातकाल में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। विद्यार्थियों को समझाया गया कि हृदय गति रुकने जैसी गंभीर स्थिति में समय पर उचित जीवनरक्षक सहायता मिलने से किसी व्यक्ति की जान बचाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही तत्काल चिकित्सा सहायता बुलाने के महत्व पर भी जोर दिया गया।

प्रशिक्षकों ने सीपीआर की प्रक्रिया का प्रदर्शन करते हुए छाती के बीचों-बीच दबाव देने की विधि और उसकी निर्धारित प्रक्रिया की जानकारी दी। विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि आपातकालीन स्थिति में घबराने के बजाय सही कदम उठाना और प्रशिक्षित तरीके से सहायता प्रदान करना कितना महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक जीवन से जुड़े कौशलों की जानकारी देना और दूसरों की सहायता करने की भावना विकसित करना भी आवश्यक है। सीपीआर प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञानवान बनाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार, जागरूक और संवेदनशील नागरिक बनाना भी है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में मानवीय संवेदना, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद करने की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता आनंद अग्रवाल, सचिव विमल किशोर जाजू, प्रशासक एसपी सिन्हा और प्राचार्या गुरप्रीत कौर ने एमवर्सिटी की पूरी प्रशिक्षण टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपना बहुमूल्य समय देकर जीवनरक्षक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए सभी प्रशिक्षकों को धन्यवाद दिया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।