जेईपीसी और आईपीई ग्लोबल लिमिटेड के बीच हुआ समझौता, 2.40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगा करियर मार्गदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर
रांची, झारखंड : राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल और करियर की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। इस उद्देश्य से झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (जेईपीसी) और आईपीई ग्लोबल लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह साझेदारी आईपीई ग्लोबल की ‘शी लर्न्स’ परियोजना के अंतर्गत की गई है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा को अधिक उपयोगी बनाना और उसे रोजगार तथा भविष्य के करियर विकल्पों से जोड़ना है।
समझौते के बाद राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है, जब विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ कार्यस्थल पर काम करने का अनुभव भी मिले। उन्होंने बताया कि इस साझेदारी के माध्यम से राज्य के उद्योगों को शैक्षणिक कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिल सकेगा।
उद्योगों के सहयोग से मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
समझौते के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी देने के साथ कार्यस्थलों से परिचित कराया जाएगा। उन्हें काम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने यानी ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग के अवसर उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।
इसके अलावा व्यावसायिक शिक्षा देने वाले प्रशिक्षकों की दक्षता बढ़ाने और विद्यार्थियों में रोजगार के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। आईपीई ग्लोबल लिमिटेड उद्योगों और नियोक्ताओं के साथ संपर्क तथा साझेदारी विकसित करने में शिक्षा परियोजना परिषद को सहयोग देगा।
इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, कौशल विकास कार्यक्रमों, अप्रेंटिसशिप और नौकरी से जुड़े अवसरों तक पहुंच बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
24 जिलों के 970 स्कूलों में संचालित है कार्यक्रम
झारखंड के सभी 24 जिलों के 970 सरकारी विद्यालयों में फिलहाल व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम चल रहा है। इसमें नौवीं से बारहवीं कक्षा तक के 2.40 लाख से अधिक विद्यार्थी नामांकित हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इनमें लगभग 60 प्रतिशत छात्राएं हैं। विद्यार्थियों को 15 अलग-अलग व्यावसायिक क्षेत्रों से संबंधित ट्रेड की शिक्षा दी जा रही है।
यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों और विकसित भारत-2047 की परिकल्पना के अनुरूप है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावहारिक कौशल हासिल करने और अपनी रुचि तथा क्षमता के अनुसार भविष्य का करियर चुनने के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।