बच्चों को नियमित हाथ धोने, स्वच्छ खान-पान और साफ-सफाई की आदतें अपनाने के प्रति किया गया जागरूक
रामगढ़, झारखंड : भारत सरकार द्वारा संचालित विशेष अभियान 6.0 के तहत उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर शुक्रवार को रामगढ़ जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता, जागरूकता एवं जनभागीदारी से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण सुनिश्चित करने के साथ बच्चों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में सेविकाओं एवं सहायिकाओं के नेतृत्व में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ खान-पान तथा अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के महत्व की जानकारी दी गई।
बच्चों को विशेष रूप से भोजन करने से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद तथा खेलकूद के पश्चात साबुन से अच्छी तरह हाथ धोने के फायदे बताए गए। रोचक गतिविधियों के माध्यम से उन्हें हाथ धोने का सही तरीका भी समझाया गया, ताकि बचपन से ही वे स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल की उपलब्धता, परिसर की सफाई एवं कचरा निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया गया। आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बच्चों के अभिभावकों एवं स्थानीय समुदाय के सदस्यों को भी घर और आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के आपसी संबंधों की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा लाभार्थियों को महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया गया। योजनाओं से संबंधित समस्याओं एवं शिकायतों के समयबद्ध समाधान के प्रति भी जागरूक किया गया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के निर्देशानुसार विशेष अभियान 6.0 के तहत स्वच्छता गतिविधियों के साथ पोषण ट्रैकर, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) एवं सीपीग्राम्स सहित अन्य संबंधित प्रणालियों में लंबित शिकायतों के प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।
रामगढ़ जिला प्रशासन द्वारा इस अभियान के माध्यम से स्वच्छता को जनभागीदारी से जनआंदोलन का स्वरूप देने तथा बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक आदतें विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।