रामगढ़, झारखंड :त्योहारों के दौरान ध्वनि और वायु प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए जिला प्रशासन ने पटाखे जलाने की समय-सीमा निर्धारित कर दी है। दीपावली, गुरुपर्व, छठ, क्रिसमस और नववर्ष के अवसर पर अब तय समय के भीतर ही पटाखे जलाने की अनुमति होगी। निर्धारित समय का उल्लंघन करने या प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री एवं इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, रांची की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर यह व्यवस्था लागू की गई है। सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों के अनुपालन में जिला प्रशासन ने लोगों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, रामगढ़ सहित राज्य के उन शहरी क्षेत्रों में, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में है, केवल निर्धारित मानकों वाले पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी। इन पटाखों की ध्वनि तीव्रता 125 डीबी (ए) से कम होनी चाहिए।
अलग-अलग त्योहारों के लिए तय हुई समय-सीमा
जिला प्रशासन द्वारा पटाखे जलाने के लिए निम्न समय निर्धारित किया गया है—
दीपावली एवं गुरुपर्व: रात 8 बजे से 10 बजे तक।
छठ पर्व: सुबह 6 बजे से 8 बजे तक।
क्रिसमस एवं नववर्ष: रात 11:55 बजे से रात 12:30 बजे तक।
अनुमंडल पदाधिकारी को मिली निगरानी की जिम्मेदारी
निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू कराने की जिम्मेदारी रामगढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी को सौंपी गई है। उन्हें निर्धारित समय और पटाखों से संबंधित मानकों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय के बाहर पटाखे जलाने अथवा प्रतिबंधित मानकों के विरुद्ध पटाखों की बिक्री और उपयोग करने पर संबंधित दुकानदारों, प्रतिष्ठानों एवं व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 37, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण मुक्त त्योहार मनाने की अपील
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे त्योहारों की खुशियां मनाते समय पर्यावरण और दूसरों की सेहत का भी ध्यान रखें। पटाखों का इस्तेमाल केवल निर्धारित समय के दौरान करें और ध्वनि एवं वायु प्रदूषण को कम करने में सहयोग दें।
विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों की सुविधा का ध्यान रखने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि त्योहारों को सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।