रामगढ़, झारखंड : किसानों से सरकारी स्तर पर धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में रामगढ़ जिले के लिए 1 लाख 80 हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी निशा कुमारी सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले को कुल 1,80,000 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य दिया है। बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी, विभिन्न पैक्सों के अध्यक्ष एवं प्रतिनिधि तथा राइस मिल संचालक मौजूद रहे।
पिछले साल के प्रदर्शन की होगी समीक्षा
उपायुक्त ने पिछले वित्तीय वर्ष में धान अधिप्राप्ति के दौरान कमजोर प्रदर्शन करने वाले पैक्सों से कार्य में कमी के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने सभी पैक्स अध्यक्षों और प्रतिनिधियों से इस वर्ष की तैयारियों का भी ब्योरा लिया। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पैक्स निर्धारित लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी जिम्मेदारी और सक्रियता के साथ धान खरीद का काम करें।
सीसीटीवी कैमरों से होगी केंद्रों की निगरानी
धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हो, इसके लिए सभी पैक्स केंद्रों की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को क्षेत्रवार जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर केंद्रों का नियमित निरीक्षण कराने को कहा। इसके अलावा धान खरीद केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
केंद्रों पर धान के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यक व्यवस्था करने और किसानों की सुविधा के मद्देनजर धान खरीद से संबंधित सभी जरूरी जानकारियां बड़े एवं स्पष्ट अक्षरों में प्रदर्शित करने को भी कहा गया।
रोटेशन पॉलिसी से तय होगी पैक्सों की प्राथमिकता
इस वर्ष धान खरीद में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए रोटेशन पॉलिसी लागू करने पर जोर दिया गया। इसके तहत नियमित अंतराल पर सभी पैक्सों के कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। बेहतर परिणाम देने वाले पैक्सों को आगामी कार्यों में प्राथमिकता मिलेगी। उपायुक्त ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पैक्सों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।
बिचौलियों से बचने के लिए किसानों को किया जाएगा जागरूक
बैठक में किसानों को सरकारी धान अधिप्राप्ति व्यवस्था की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि किसानों को बिचौलियों के चक्कर में पड़ने से बचना चाहिए और अपना धान नजदीकी पैक्स केंद्र पर ही बेचना चाहिए। इस अभियान में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ बैठक आयोजित कर किसानों तक सही जानकारी पहुंचाने को कहा गया।
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि धान अधिप्राप्ति का प्रमुख उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना और खरीद प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाना है। सभी संबंधित पदाधिकारी और पैक्स प्रतिनिधि आपसी समन्वय से काम करें, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो और जिले को निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में सफलता मिले।