श्री कृष्ण विद्या मंदिर में धूमधाम से मना दीपावली महोत्सव, रंगोली और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

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रामगढ़ कैंट, झारखंड :  श्री कृष्ण विद्या मंदिर के प्रांगण में दीपों की जगमगाहट, आकर्षक रंगोलियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच दीपावली महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ सेवा और मानवता का संदेश भी दिया।

समारोह का शुभारंभ विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल (अधिवक्ता), उपाध्यक्ष बजरंगलाल अग्रवाल, सचिव विमल किशोर जाजू, कोषाध्यक्ष रमेश अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य महावीर अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इस अवसर पर बाल वाटिका के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने आकर्षक नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से भगवान श्रीराम के 14 वर्षों के वनवास की समाप्ति और अयोध्या वापसी के प्रसंग को जीवंत कर दिया।

विद्यालय परिसर में बनाई गई विशाल रंगोली समारोह का मुख्य आकर्षण रही। इसके आसपास विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का परिचय देते हुए आकर्षक रंगोलियां बनाईं। अतिथियों ने रंगोलियों और दीपों से सजी कतारों का अवलोकन कर विद्यार्थियों की सराहना की।

दीपावली उत्सव के दौरान सामाजिक सरोकार की एक सराहनीय पहल भी देखने को मिली। विद्यार्थियों ने डिवाइन ओंकार मिशन के अनाथालय का भ्रमण कर वहां रहने वाले बच्चों के बीच कपड़े, मिठाइयां और पटाखों का वितरण किया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जरूरतमंदों के साथ खुशियां बांटने और सेवा भावना का महत्व समझाया गया।

विद्यालय परिसर में भी दीपावली का उत्साह देखते ही बन रहा था। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पारंपरिक तरीके से आतिशबाजी कर त्योहार की खुशियां मनाईं। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि अपने भीतर ज्ञान, संस्कार और मानवता का प्रकाश जगाने का अवसर भी है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा सजाकर प्रस्तुत किए गए दीपों का भी चयन किया गया। जूनियर वर्ग में निवृत्ति, साइका और सृष्टि के दीप सर्वश्रेष्ठ चुने गए, जबकि सीनियर वर्ग में ईशान, दिव्यांश और इक्षा के दीपों को श्रेष्ठ घोषित किया गया।

महोत्सव ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि दीपावली की असली खुशी दूसरों के जीवन में मुस्कान और खुशियों का प्रकाश फैलाने में है। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के बीच मिठाइयां वितरित की गईं।