रांची, झारखंड : गुरुवार को झारखंड विधानसभा की कार्यवाही उस समय गरमा गई, जब नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक कथित ऑडियो का मुद्दा उठाया। मरांडी ने दावा किया कि रामगढ़ की विधायक ममता देवी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। उनके अनुसार, इस बातचीत में नर्सिंग कॉलेज की एनओसी के बदले 5 लाख रुपये की मांग और काम लंबित रखने की बात कही गई है।
मरांडी के इस दावे ने सदन में हड़कंप मचा दिया। उन्होंने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ऑडियो की फॉरेंसिक जांच के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर सीबीआई जांच भी कराई जानी चाहिए। बताया जा रहा है कि यह कथित ऑडियो 4 दिसंबर को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक से जुड़ा है।
राधाकृष्ण किशोर ने कहा यह आंतरिक मामला
संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह कांग्रेस संगठन का आंतरिक मामला है और इसकी जांच पार्टी स्तर पर की जा रही है। सरकार ने साफ कहा कि ऐसे विषयों पर सदन के भीतर चर्चा उचित नहीं है।
हालाँकि, सरकार की प्रतिक्रिया से असंतुष्ट विपक्ष ने हंगामा जारी रखा, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
क्या है कथित ऑडियो की कथित बात ?
सूत्रों के अनुसार, 4 दिसंबर को कांग्रेस विधायक दल की बैठक के दौरान ममता देवी ने नर्सिंग कॉलेज की मंजूरी के मामले में 5 लाख रुपये दिए जाने के बावजूद फाइल आगे नहीं बढ़ने की शिकायत की थी। वहीं, मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा था कि उनके पास फाइल पहुँची ही नहीं।
कथित ऑडियो में कुछ अन्य विधायक भी स्वास्थ्य मंत्री से सिविल सर्जनों के ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर नाराज़गी व्यक्त करते सुनाई देते हैं। मंत्री कथित तौर पर यह कहते भी सुने गए कि यदि वरीयता सूची को छोड़कर किसी कनिष्ठ डॉक्टर को सिविल सर्जन बनाया गया तो मामला कोर्ट तक जायेगा।
विपक्ष और सत्ता पक्ष के दावे
विपक्ष का आरोप है कि यह मामला सरकार की कार्यप्रणाली और कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। वहीं, सत्तापक्ष इसे कांग्रेस संगठन की आंतरिक प्रक्रिया बताते हुए राजनीतिक रंग देने से इनकार कर रहा है। इस विषय पर बेरमो विधायक अनूप सिंह ने स्पष्ट किया कि ममता देवी स्वास्थ्य मंत्री से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पैसा मांगे जाने की शिकायत कर रही थीं, न कि मंत्री पर सीधे पैसे लेने का आरोप लगा रही थीं।