रामगढ़, झारखंड :लोहार टोला रामगढ़ की खाली जमीन पर की जा रही घेराबंदी प्रशासन द्वारा रोक दी गयी थी। रामगढ़ के उपायुक्त व एसडीओ छुट्टी पर हैं । प्रभारी एसडीओ ने अधिकारियों के छुट्टी से लौटने तक जमीन पर कार्य न करने निर्देश जारी करते हुये कार्य रुकवा दिया था।
लेकिन आज शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 की सुबह जमीन की घेराबंदी की जाने लगी। घेराबंदी करने के लिए पिलर लगाये जाने के लिए मशीन लायी गयी थी। इसके बाद रामगढ़ के पूर्व विधायक शंकर चौधरी ने जमीन पर पहुंच कर जमीन की घेराबंदी किये जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन के आदेश से जमीन की घेराबंदी रुकी है तो अब कार्य कैसे हो रहा है। उन्होंनें उपायुक्त को आवेदन दिया है। उपायुक्त का फैसला आने के बाद आगे की रणनीति तय की जायेगी। तब तक घेराबंदी रुकी रहनी चाहिए।
इसके बाद जमीन पर रामगढ़ थाना से पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल भी पहुंच गयी थी। शंकर चौधरी के जमीन पर पहुंचने के काफी देर बाद जमीन के सामने बारहमसिया काली मंदिर परिसर में रहने वाले तथा लोहार टोला होलिका दहन मैदान के एक दावेदार के परिवार के लोग पहुंच कर शंकर चौधरी द्वारा कार्य रोके जाने का विरोध करने लगे। दोनो पक्षों में काफी गर्मा-गर्म बहस भी जमीन पर हुयी। इसके बाद मौजूद पुलिस ने दोनो पक्षों को अलग किया। साथ ही घेराबंदी के लिए होने वाले कार्य को रोक दिया।
लोहार टोला की जमीन पूरे रामगढ़ जिला के निवासियों के बीच चर्चा व उत्सुकता का विषय बन गया है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि जमीन की घेराबंदी हो पाती है या नहीं ।
दुकानदारों के लिए रास्ता भी छोड़ा गया है
दो दिन पूर्व जमीन की साफ-सफाई के बाद सीमांकण किया जा रहा था। इसी क्रम में जमीन के एक तरफ पंजाबी मुहल्ला तक बने दुकानों के मालिकों ने रास्ता को लेकर विरोध जताया। उनका कहना था कि वे दशकों से दुकान चला रहे हैं। उनका रास्ता नहीं होगा तो दुकान में ग्राहक कैसे आयेंगे। इसके बाद जमीन की घेराबंदी करने वालों ने 10 फुट का रास्ता छोड़ने पर सहमति जतायी। इस पर दुकानदारों ने विरोध जताया तथा 12 फुट जमीन छोड़ने की बात कही गयी ।
बाद में बताया जाता है कि 15 फुट का रास्ता छोड़ने की बात पर सहमति बनी तथा आज घेराबंदी का कार्य प्रारंभ किया गया। लेकिन विरोध के बाद घेराबंदी की कार्य शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को रुक गया।