जयंती पर याद कोई गए कवि ठाकुर रघुपति सिंह चौहान व्यथित, कवि व्यथित कोयलांचल के साहित्य स्रोत हैं

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पुस्तक का विमोचन करते अतिथि

– झारखंड राष्ट्रभाषा परिषद ने भुरकुंडा पंचायत भवन में आयोजित की जयंती समारोह

भुरकुंडा (रामगढ), झारखंड :

 कोई मिटा दे हमारी हस्ती हम वो रहगुजर नहीं !    

बुझ जाएं एक फूंक से हम वो आसां चिराग नहीं !!

जलते रहेंगे सबों के दिलों में युगों युगों तक !

मिट जाएं आसानी से हम वो शमा नहीं !!

ये पंक्तियां कोयलांचल को यह जता रही हैं कि कवि ठाकुर रघुपति सिंह चौहान व्यथित आज भी कविता और साहित्यों में जीवित हैं, अमिट हैं। झारखंड राष्ट्रभाषा परिषद की ओर से भुरकुंडा के पंचायत सचिवालय में ठाकुर रघुपति सिंह चौहान व्यथित जी की जयंती समारोह पूर्वक मनाई गई.

 

सर्वप्रथम कवि जी के चित्र पर अतिथियों व आमजनों द्वारा श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई. मौके पर क्षेत्र के साहित्यकार और समाजसेवियों ने कवि व्यथित जी साहित्यिक जीवन पर चर्चा की. मौके परिषद के महासचिव डॉ गजाधर महतो प्रभाकर की दो खोरठा पुस्तक पुटूस फूल और खोरठा आलेख का लोकार्पण अतिथियों ने किया. मौके श्री प्रभाकर ने कहा कि कवि जी के छत्रछाया में कोयलांचल में साहित्यिक गतिविधियों में तेजी आई और इस क्षेत्र से दर्जनों कवि, साहित्यकार आगे बढ़ें और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. मौके पर कई अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि कवि जी की जयंती भव्य रूप में आयोजित किए जाने की जरूरत है.

मौके पर कई कवियों ने कविता पाठ कर कवि जी को काव्यांजलि दी. कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ नीलोत्पल रमेश और संचालन सरोज झा झारखंडी ने किया. धन्यवाद ज्ञापन विनय कुमार सिंह ने की. मौके पर चमनलाल, गिरधारी गोप, एम ए अंसारी, विजयंत कुमार,. मुखिया अजय पासवान, महेश्वर साहू, प्रवीण शर्मा, योगेन्द्र पाठक, पप्पू सिंह, रमा कांत दुबे, डॉ अशरफ अली, अनिल सिंह, बबीता देवी,मंजीत रंजन,दीनबंधु सिंह, प्रेमनाथ साहू, बलिराम सिंह, गौतम मुखर्जी, अमरेश सिंह,राजीव उरांव, विनय तिवारी ,संजय सिंह,शैलेन्द्र सिंह,बिजय कुमार,छोटू सिंह,सुनील कुमार सिंह,महाबीर,रामकुमार सिंह, सचिन रंजन सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.