रामगढ़ (झारखंड) : DMFT फंड के टेंडर पर बवाल, स्थानीय संवेदकों के विरोध के बाद 36 आंगनबाड़ी केंद्रों का टेंडर रद्द

Spread the love

स्थानीय संवेदकों द्वारा उपायुक्त रामगढ़ को दिया गया आवेदन पत्र

रामगढ़ (झारखंड) :भवन निर्माण विभाग रामगढ़ में मंगलवार को उस समय भारी हंगामा हो गया, जब जिला भर के 36 आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण एवं मरम्मत से जुड़े टेंडर को लेकर स्थानीय संवेदकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह टेंडर जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) फंड से लगभग साढ़े पांच करोड़ रुपये की लागत से जारी किया गया था। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए करीब 15 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था।

लातेहार जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफटी फंड से केवल स्थानीय संवेदकों को कार्य देने के निर्देश का पत्र

टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के लिए रामगढ़ के अलावा हजारीबाग, कोडरमा, रांची और बोकारो जैसे अन्य जिलों से भी संवेदक पहुंचे थे। बाहरी संवेदकों को टेंडर पेपर दिए जाने से स्थानीय संवेदकों में आक्रोश फैल गया। उनका कहना था कि जिले में वे ही हर परिस्थिति में काम करते हैं और स्थानीय समस्याओं से जूझते हैं, लेकिन लाभ लेने के समय बाहरी लोगों को मौका दिया जा रहा है।

स्थानीय संवेदकों का गुस्सा भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ साफ तौर पर देखने को मिला। उन्होंने विभाग परिसर में जमकर नारेबाजी की और टेंडर प्रक्रिया का विरोध किया। विरोध के दौरान स्थानीय संवेदकों ने लातेहार जिला प्रशासन द्वारा जारी एक पत्र का हवाला भी दिया, जिसमें DMFT फंड से जुड़े कार्य स्थानीय ठेकेदारों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया था।

स्थिति को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन हंगामा जारी रहा। इसके बाद संवेदकों का एक प्रतिनिधिमंडल रामगढ़ के डीडीसी और डीसी से मिला और अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीडीसी ने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया।

लगातार विरोध और हंगामे के बीच अंततः प्रशासन ने 36 आंगनबाड़ी केंद्रों से संबंधित टेंडर को रद्द कर दिया, जिससे स्थिति पर काबू पाया जा सका। अब आगे इस मामले में नई प्रक्रिया अपनाए जाने की संभावना जताई जा रही है।