रामगढ़ कैंट (झारखंड) : श्री कृष्ण विद्या मंदिर का प्रांगण मंगलवार को वार्षिक परीक्षा (2025-26) के परिणाम घोषणा समारोह के अवसर पर उत्साह, गरिमा और भावनाओं से सराबोर नजर आया। पूरे परिसर में विद्यार्थियों की उत्सुकता, अभिभावकों की उपस्थिति और शिक्षकों की ऊर्जा ने एक भव्य शैक्षणिक उत्सव का रूप ले लिया।
प्रातःकाल से ही विद्यालय परिसर में आयोजन की विशेष तैयारी देखी गई। जैसे ही परिणाम घोषणा का क्षण आया, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। विभिन्न कक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पदकों से सम्मानित किया गया। स्वर्ण पदक जहां उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बना, वहीं रजत और कांस्य पदकों ने विद्यार्थियों की निरंतर प्रगति, लगन और धैर्य को दर्शाया। प्रमाण-पत्रों के साथ छात्रों की उपलब्धियों ने शिक्षकों के मार्गदर्शन और उनके परिश्रम की झलक प्रस्तुत की।
इस दौरान अभिभावकों के चेहरे गर्व से दमकते नजर आए, वहीं शिक्षकों में संतोष और गर्व की भावना स्पष्ट दिखाई दी। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों और शिक्षकों के बीच शिक्षा के आधुनिक स्वरूप, बच्चों के सर्वांगीण विकास, करियर मार्गदर्शन और जीवन कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक संवाद भी हुआ।
कार्यक्रम के बीच एक भावुक क्षण तब आया, जब हिंदी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद को विदाई दी गई। उनकी दीर्घ सेवा, अनुशासनप्रियता और विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान का दीप प्रज्वलित करने के योगदान को याद करते हुए पूरा सभागार भावुक हो उठा। विद्यालय प्रबंधन द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया, जो एक युग के समापन का प्रतीक बन गया।
अंत में विद्यालय प्रबंधन ने घोषणा की कि नया शैक्षणिक सत्र (2026-27) आगामी 2 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होगा। ग्रीष्मकालीन समय के तहत कक्षाएं प्रातः 07:00 बजे से अपराह्न 01:00 बजे तक संचालित की जाएंगी। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आनन्द अग्रवाल ने बताया कि आने वाला सत्र व्यवहारिक शिक्षा, नवाचार और उच्च आदर्शों पर आधारित होगा।
समारोह ने न केवल उपलब्धियों का उत्सव मनाया, बल्कि समर्पण, संवेदनाओं और उज्ज्वल भविष्य की नई दिशा का संदेश भी दिया।