रामगढ़ (झारखंड) : पुलिस अधीक्षक रामगढ़ मुकेश कुमार लुनायत के द्वारा मंगलवार 21.04.2026 को कार्यालय सभागार में मासिक अपराध गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातु, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-सह-अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़, सभी अंचल निरीक्षक, थाना/ओपी प्रभारी एवं शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों का स्वागत किया गया। इसके पश्चात विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा एवं आवश्यक निर्देश दिए गए, जो निम्नलिखित हैं:
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मार्च 2026 में दर्ज विशेष एवं सामान्य मामलों तथा उनके निष्पादन की समीक्षा की गई। दर्ज मामलों से अधिक मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
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सभी थाना प्रभारियों को बलात्कार एवं पोक्सो अधिनियम से संबंधित मामलों का 60 दिनों के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
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पासपोर्ट सत्यापन 5 दिनों के भीतर पूर्ण कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।
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आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (डायल 112) के तहत प्राप्त शिकायतों पर 10 मिनट के भीतर प्रतिक्रिया देने का निर्देश दिया गया। मार्च माह में जिले का औसत प्रतिक्रिया समय 9 मिनट 58 सेकंड रहा।
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पॉकेटमारी (जेब कटाई) मामलों की समीक्षा कर त्वरित निष्पादन के निर्देश दिए गए।
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मार्च 2026 में संभावित निष्पादित होने वाले मामलों की सूची की समीक्षा की गई।
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पिछले 2, 3 एवं 5 वर्षों से लंबित मामलों की अलग-अलग सूची बनाकर शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
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संगठित आपराधिक गिरोहों की सूची तैयार कर जेल से बाहर आए अपराधियों की गतिविधियों की निगरानी एवं आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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गैर-तामिला वारंट, स्थायी वारंट एवं फरार अपराधियों की सूची तैयार कर कार्रवाई करने को कहा गया।
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वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की के निष्पादन की समीक्षा की गई।
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गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के निष्पादन की समीक्षा की गई।
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दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के तहत प्राप्त लंबित परिवादों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
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पिछले पांच महीनों में चेन, मोबाइल एवं पर्स छिनतई मामलों की समीक्षा की गई।
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संपत्ति संबंधी मामलों एवं उनके उद्भेदन की स्थिति की समीक्षा की गई।
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दागी अपराधियों के सत्यापन के निर्देश दिए गए।
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मालखाना प्रभार की स्थिति की समीक्षा की गई।
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अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।
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सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई।
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महिला उत्पीड़न, पोक्सो एवं बलात्कार मामलों में 60 दिनों के भीतर आरोप पत्र समर्पित करने के निर्देश दिए गए।
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पीजी पोर्टल, ई-ऑफिस, सीपी ग्राम, मुख्यमंत्री जनसंवाद एवं जन शिकायत कोषांग में प्राप्त आवेदनों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए गए।
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ई-डीएआर एवं आई-रैड पोर्टल पर प्रविष्टियों की समीक्षा की गई।
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नैटग्रिड सूचना प्रौद्योगिकी समाधान परियोजना के अंतर्गत गांडीव एवं सुदर्शन अनुप्रयोगों के उपयोग की समीक्षा की गई।
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जोएफएस से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा की गई।
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चरित्र एवं सेवा सत्यापन कार्यों की समीक्षा की गई।
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सीसीटीएनएस में लंबित प्रविष्टियों (आईआईएफ-1 से 6 एवं 8 से 11) की समीक्षा की गई।
ई-साक्ष्य से संबंधित निर्देश :
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सीसीटीएनएस में वास्तविक समय एवं गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश।
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साक्ष्य संकलन हेतु ई-साक्ष्य ऐप के उपयोग की समीक्षा।
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7 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में फोरेंसिक टीम द्वारा त्वरित साक्ष्य संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश।
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मामलों का 60 एवं 90 दिनों के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश।
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डीसीबी शाखा में 01 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक निगरानी प्रस्ताव, सीसीए प्रस्ताव, गुंडा पंजी प्रविष्टि एवं पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्रवाई प्रस्तावों की समीक्षा की गई।
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सड़क सुरक्षा के तहत नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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सभी थाना क्षेत्रों के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें तथा कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सक्रिय एवं जवाबदेह भूमिका निभाएं।