रामगढ़ (झारखंड) : किसी भी पुलिस व्यवस्था में अपराध नियंत्रण, कांडों के उद्भेदन एवं विधि-व्यवस्था संधारण में थाना की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके लिए यह आवश्यक है कि थाना के सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सही तरीके से करें। साथ ही थाना स्तर पर अपराध नियंत्रण, कांडों के उद्भेदन एवं विधि-व्यवस्था संधारण से जुड़े अभिलेखों एवं कर्तव्यों की वस्तु स्थिति पर प्रतिदिन निगरानी भी जरूरी है, ताकि कार्यों के निष्पादन में प्रभावशीलता लाई जा सके।
इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिए रामगढ़ पुलिस द्वारा थाना स्तर पर “डेली मीटिंग” की नई पहल की शुरुआत की गई है। इस क्रम में पुलिस अधीक्षक रामगढ़ द्वारा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पतरातु एवं पतरातु थाना के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर इस पहल का शुभारंभ किया गया।
इस व्यवस्था के तहत थाना में पदस्थापित प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी की भूमिका का स्पष्ट निर्धारण किया जाएगा। उनके द्वारा किए जाने वाले कार्यों के अभिलेखन के लिए एक निर्धारित प्रपत्र “टास्क ऑफ द डे” तैयार किया गया है। अब सभी थाना प्रभारी प्रतिदिन प्रातःकाल थाना में पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें दिनभर के कार्यों का विभाजन एवं निर्धारण किया जाएगा।
इस दैनिक बैठक में पदाधिकारीवार लंबित वारंट, कुर्की एवं सम्मन के निष्पादन, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आरोप पत्रित अपराधियों का भौतिक सत्यापन, थाना में लंबित चरित्र एवं पासपोर्ट सत्यापन, सीसीटीएनएस प्रविष्टि, लंबित कांडों का अनुसंधान एवं निष्पादन, ई-साक्ष्य संधारण तथा विधि-व्यवस्था से जुड़े अन्य आवश्यक कार्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके आधार पर प्रत्येक पदाधिकारी के लिए “टास्क ऑफ द डे” निर्धारित किया जाएगा, जिससे उनकी भूमिका और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
इसके साथ ही सभी थाना प्रभारी अगले दिन की बैठक में पिछले दिन के कार्यों की समीक्षा करेंगे और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे। संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस निरीक्षक भी अपने-अपने क्षेत्राधिकार के थानों में प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक बार किसी एक थाना की दैनिक बैठक में भाग लेकर थाना प्रभारी एवं अन्य पदाधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करेंगे।
यदि किसी पदाधिकारी द्वारा निर्धारित कार्यों के पालन में लापरवाही या गैर-अनुपालन पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नई पहल का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाना है, जिससे अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था संधारण में बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें।