माध्यमिक परीक्षा 2026 के खराब रिजल्ट पर सख्ती, 64 विद्यालयों से स्पष्टीकरण तलब, 12 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका

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रामगढ़ (झारखंड) : माध्यमिक परीक्षा 2026 के निराशाजनक परिणाम को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी कुमारी नीलम ने जैक (झारखंड अधिविद्य परिषद) एवं सीबीएसई के परिणामों की समीक्षा के बाद जिले के 64 विद्यालयों से स्पष्टीकरण तलब किया है, जबकि 12 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों के वेतन पर रोक लगा दी गई है।

उपायुक्त रामगढ़ के निर्देश पर की गई समीक्षा में सामने आया कि जिले के कई सरकारी एवं उत्क्रमित उच्च विद्यालयों का परीक्षाफल संतोषजनक नहीं रहा। इसके बाद शिक्षा विभाग ने जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

समीक्षा के अनुसार, 52 ऐसे विद्यालय हैं जिनका परिणाम 100 प्रतिशत नहीं रहा। इन स्कूलों का उत्तीर्णता प्रतिशत 87% से 99% के बीच है। इन सभी विद्यालयों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है।

वहीं, 12 विद्यालय ऐसे पाए गए जिनका प्रदर्शन अत्यंत चिंताजनक रहा। इन स्कूलों में उत्तीर्णता प्रतिशत 68% तक गिर गया है। खराब प्रदर्शन को गंभीरता से लेते हुए इन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और संबंधित टीजीटी शिक्षकों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब मिलने तक वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा।

सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों में उत्क्रमित उच्च विद्यालय लपंगा (68%), छत्तरमांडू (71%), डाड़ीडीह (73%), बीचा (75%) और कंजगी (78%) शामिल हैं।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि जहां कई विद्यालयों ने शत-प्रतिशत परिणाम देकर जिले का नाम रोशन किया है, वहीं कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की वजह से शैक्षणिक गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं। इस पूरे मामले की प्रतिलिपि उपायुक्त को भी भेज दी गई है।

सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण विभाग को उपलब्ध कराएं, अन्यथा आगे और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।