कोलकाता ( पश्चिम बंगाल ) : केंद्र सरकार कोल इंडिया लिमिटेड में दो प्रतिशत तक हिस्सेदारी बिक्री पेशकश (ओएफएस) के माध्यम से बेचेगी। यह बिक्री प्रक्रिया गैर-खुदरा निवेशकों के लिए 27 मई और खुदरा निवेशकों के लिए 29 मई 2026 को खुलेगी।
सरकार ने ओएफएस के लिए 412 रुपये प्रति शेयर का न्यूनतम मूल्य तय किया है। दो प्रतिशत हिस्सेदारी के तहत लगभग 12.32 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे, जिससे केंद्र सरकार को करीब 5,000 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है।
निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) के सचिव अरुणिश चावला ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कोल इंडिया लिमिटेड में बिक्री पेशकश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि आधार पेशकश कंपनी की एक प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी की होगी, जबकि ‘ग्रीन शू’ विकल्प के तहत अधिक मांग आने पर अतिरिक्त एक प्रतिशत हिस्सेदारी भी बेची जा सकेगी।
मंगलवार को बीएसई में कोल इंडिया का शेयर 458.25 रुपये पर बंद हुआ, जबकि ओएफएस के तहत निर्धारित न्यूनतम मूल्य बाजार भाव से लगभग 10 प्रतिशत कम है।
अरुणिश चावला ने कहा कि कोल इंडिया मजबूत परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन, लगातार लाभ और आकर्षक लाभांश के कारण निवेशकों के लिए दीर्घकालिक निवेश का बेहतर अवसर प्रदान करती है।
वित्त वर्ष 2026-27 में यह किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का दूसरा बड़ा ओएफएस है। इससे पहले केंद्र सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण के जरिए 80 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वित्त वर्ष के संशोधित अनुमान 33,837 करोड़ रुपये से दोगुने से अधिक है।