जलजमाव और नाली निर्माण की अनदेखी पर फूटा महिलाओं का गुस्सा, छावनी परिषद कार्यालय में किया जोरदार प्रदर्शन : अधिशासी अधिकारी ने दो माह में नाली निर्माण का दिया आश्वासन

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महिलाओं को समझाते छावनी परिषद के कर्मचारी

रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ छावनी क्षेत्र के वार्ड नंबर-6 स्थित टीचर्स कॉलोनी में वर्षों से चली आ रही जलजमाव और नाली निर्माण की समस्या को लेकर सोमवार को स्थानीय महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। सड़क और नाली निर्माण की लगातार अनदेखी तथा हाल ही में एक स्कूली बच्चे के जलजमाव वाले गड्ढे में गिरकर घायल होने की घटना से नाराज दर्जनों महिलाएं छावनी परिषद कार्यालय पहुंच गईं और अधिशासी अधिकारी के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

मुहल्ले में जमा पानी

स्थानीय निवासियों के अनुसार, टीचर्स कॉलोनी में पिछले कई वर्षों से सड़क और नाली निर्माण की मांग की जा रही है। इस संबंध में कई बार आवेदन और पत्राचार भी किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। महिलाओं का आरोप है कि स्थानीय मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने भी कई बार आश्वासन दिया, लेकिन धरातल पर कोई काम शुरू नहीं कराया गया।

सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाएं छावनी परिषद कार्यालय पहुंचीं और अधिशासी अधिकारी से मिलने की मांग करने लगीं। कर्मचारियों द्वारा यह कहे जाने पर कि अधिशासी अधिकारी व्यस्त हैं तथा वे अपनी बात अधीनस्थ अधिकारियों के समक्ष रखें, महिलाएं और अधिक नाराज हो गईं। उन्होंने कार्यालय परिसर में ही रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से केवल आश्वासन और कागजी कार्रवाई होती रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि अब वे सीधे अधिशासी अधिकारी से मिलकर ही समाधान चाहती हैं। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे कार्यालय परिसर में ही आमरण अनशन पर बैठ जाएंगी।

महिलाओं की बढ़ती संख्या और तीव्र विरोध को देखते हुए छावनी परिषद के अधिशासी अधिकारी ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। महिलाओं ने जलजमाव, नाली निर्माण और सड़क की खराब स्थिति से संबंधित अपनी शिकायतों एवं दस्तावेजों को उनके समक्ष रखा।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश अपने कर्मियों को दिया। साथ ही उन्होंने उपस्थित महिलाओं को आश्वस्त किया कि छावनी परिषद के फंड से उक्त क्षेत्र में नाली निर्माण कराया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद महिलाएं शांतिपूर्वक वापस लौट गईं।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता साधना चौधरी ने बताया कि वार्ड नंबर-6 के निवासियों द्वारा पिछले वर्ष भी सड़क और नाली निर्माण की मांग को लेकर छावनी परिषद को लिखित आवेदन दिया गया था। उस समय स्थानीय मुखिया और जनप्रतिनिधियों ने खनिज मद से सड़क एवं नाली निर्माण कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि समस्या लगातार गंभीर होती गई और हाल के दिनों में जलजमाव के कारण स्कूली बच्चे और अभिभावक बाइक से गिरकर घायल भी हुए हैं। इससे स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब दे गया और उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।

साधना चौधरी ने बताया कि अधिशासी अधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि अगले दो दिनों के भीतर सड़क पर मिट्टी डालकर जलजमाव की समस्या से तत्काल राहत दिलाई जाएगी। इसके अलावा आगामी दो महीनों के भीतर छावनी परिषद के फंड से नाली निर्माण का कार्य भी शुरू कराया जाएगा।

हालांकि महिलाओं ने चेतावनी भी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर सड़क पर मिट्टी भराव का कार्य शुरू नहीं हुआ तो इस बार पहले से कहीं अधिक संख्या में महिलाएं छावनी परिषद कार्यालय पहुंचकर उग्र आंदोलन करेंगी।

विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से साधना चौधरी, रानी देवी, ज्योति देवी, निशा देवी, सोनी देवी, कमला देवी, मुन्नी देवी, साधना देवी, देवती देवी, पायल देवी, नुपुर कुमारी, पायल ठाकुर, बबली तिवारी सहित अन्य दर्जनों महिलाएं शामिल थीं।