वित्तीय साक्षरता एवं समावेशन को बढ़ावा देने के लिए तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम संपन्न, 42 सीएफएल कर्मियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

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रांची  : वित्तीय साक्षरता एवं वित्तीय समावेशन को ग्रामीण स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से सामुदायिक वित्तीय साक्षरता (CFL) कर्मियों के लिए आयोजित तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन बीआईटीएम प्रशिक्षण हॉल, कांके, रांची में हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से आए कुल 42 सीएफएल कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों के बैंकिंग, वित्तीय साक्षरता, साइबर सुरक्षा, बीमा, पेंशन योजनाओं, डिजिटल भुगतान, निवेश योजना एवं वित्तीय प्रबंधन से संबंधित ज्ञान और कौशल को सुदृढ़ करना था, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वित्तीय जागरूकता अभियान को और प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस का उद्घाटन  अशोक कुमार श्रीवास्तव (लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, पलामू),  अभय कुमार वर्मा (सहायक महाप्रबंधक, रांची) एवं  अखिलेश कुमार (उप प्रबंधक) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। मुख्य अतिथियों का स्वागत एवं पौधा भेंट कर सम्मान  किरण शंकर दत्त द्वारा किया गया। इस अवसर पर वित्तीय साक्षरता से संबंधित पत्रिका “अर्थ दूत” का विमोचन भी किया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों का परिचय अतिथियों से कराया गया।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अतिथियों ने ग्रामीण समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में वित्तीय जागरूकता, डिजिटल समावेशन तथा जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं तक लोगों की पहुंच सुनिश्चित करने में सीएफएल कर्मी महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। साथ ही क्षेत्र में कार्य करते समय सीएफएल कर्मियों के समक्ष आने वाली विभिन्न जमीनी चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

प्रशिक्षण सत्रों का संचालन रमेश झा द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को बजट निर्माण, व्यक्तिगत वित्तीय योजना, बैंकिंग उत्पादों एवं सेवाओं, ऋण प्रबंधन, साइबर धोखाधड़ी से बचाव, बीमा योजनाओं तथा निवेश के विभिन्न अवसरों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रशिक्षण के दौरान संवादात्मक चर्चा, समूह गतिविधियों एवं व्यावहारिक अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान उपलब्ध कराया गया, जिससे वे अपने कार्यक्षेत्र में अधिक प्रभावी ढंग से वित्तीय जागरूकता फैलाने में सक्षम हो सकेंगे।

प्रशिक्षण के द्वितीय दिवस की शुरुआत अतिथियों के परिचय एवं स्वागत के साथ हुई। इस अवसर पर  संजीव कुमार (सेवानिवृत्त लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, रामगढ़), अरुण कुमार गुप्ता (सेवानिवृत्त लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर),  रोशन चौधरी (मुख्य प्रबंधक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति – एसएलबीसी) तथा  अभिजीत टंडन (वरिष्ठ प्रबंधक, एसएलबीसी) विशेष रूप से उपस्थित रहे।

दूसरे दिन के प्रशिक्षण सत्र में साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल वित्तीय लेन-देन से जुड़े जोखिमों पर विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने साइबर धोखाधड़ी के प्रमुख कारणों, डिजिटल ठगी के बदलते स्वरूप, ऑनलाइन सुरक्षा उपायों, सिस्टम सुरक्षा एवं एपीके फाइलों के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि वे आम लोगों को साइबर ठगी से बचाव के लिए किस प्रकार जागरूक कर सकते हैं तथा संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कैसे की जाए।

कार्यक्रम के अंतिम दिवस पर  किरण शंकर दत्त ने एक विशेष सत्र का संचालन किया। उन्होंने सामुदायिक स्तर पर वित्तीय साक्षरता पहलों को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिम्मेदार वित्तीय व्यवहार को बढ़ावा देना, नियमित बचत की आदत विकसित करना तथा सरकारी वित्तीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल भुगतान प्रणालियों, साइबर सुरक्षा उपायों, क्रेडिट स्कोर की उपयोगिता, ऋण प्रबंधन, कार्यशील पूंजी, म्यूचुअल फंड, सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), वित्तीय नियोजन एवं निवेश प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञों ने वित्तीय सेवाओं में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की बढ़ती भूमिका, डिजिटल बैंकिंग के नए आयाम तथा डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में सीएफएल गतिविधियों के लिए भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। प्रतिभागियों ने वित्तीय साक्षरता अभियानों को और अधिक प्रभावी बनाने, बीमा एवं पेंशन योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने, सफलता की कहानियों का दस्तावेजीकरण करने तथा जरूरतमंद लाभार्थियों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

समापन सत्र को संबोधित करते हुए आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सीएफएल कर्मियों की कार्यक्षमता एवं दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा। इसके माध्यम से वे ग्रामीण समुदायों तक वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, वित्तीय समावेशन को मजबूत करने तथा आर्थिक रूप से जागरूक एवं डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगे।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने भी प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान एवं अनुभव को अपने-अपने क्षेत्रों में लागू करने तथा वित्तीय रूप से जागरूक, सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प व्यक्त किया।