रामगढ़ चैम्बर ने मंत्री से की मायाटुंगरी पर्यटन विकास, बिजुलिया तालाब सौंदर्यीकरण और आधुनिक पार्क निर्माण की मांग

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रांची / रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष मंजीत सहानी के नेतृत्व में झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मुलाकात कर रामगढ़ के पर्यटन एवं शहरी विकास से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मंत्री को चैम्बर की 33वीं आमसभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया गया।

ज्ञापन में रामगढ़ स्थित मायाटुंगरी को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। चैम्बर का कहना है कि प्राकृतिक और धार्मिक महत्व वाले इस क्षेत्र में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यदि यहां आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाता है तो स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और रामगढ़ की पहचान राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

चैम्बर ने मायाटुंगरी में सड़क, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, बैठने की सुविधा तथा सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने का आग्रह किया है, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

इसके अलावा शहर के मध्य स्थित बिजुलिया तालाब के सौंदर्यीकरण की मांग भी उठाई गई। ज्ञापन में तालाब के चारों ओर आकर्षक पथवे, हरित क्षेत्र, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, फाउंटेन तथा मनोरंजन से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया गया है। चैम्बर का मानना है कि इससे यह क्षेत्र स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

प्रतिनिधिमंडल ने शहर की बढ़ती आबादी को देखते हुए एक आधुनिक सार्वजनिक पार्क के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। प्रस्तावित पार्क में बच्चों के लिए खेल उपकरण, ओपन जिम, वॉकिंग ट्रैक, योग स्थल और हरित वातावरण विकसित करने का सुझाव दिया गया है, जिससे नागरिकों को स्वास्थ्य एवं मनोरंजन संबंधी सुविधाएं मिल सकें।

चैम्बर ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इन जनहित से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे रामगढ़ के पर्यटन, पर्यावरण और शहरी विकास को नई दिशा मिल सके।

मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में अध्यक्ष मंजीत सहानी के अलावा फेडरेशन झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी सदस्य विनय कुमार अग्रवाल, मानद सचिव मानु चतुर्वेदी, सह-सचिव इन्द्र पाल सिंह सैनी (पालै) तथा उप समिति के सभापति मिहुल बसंत शामिल थे।