कुजू (रामगढ़), झारखंड : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रस्तावित वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए पुंडी पंचायत के भूताही गांव में ग्रामीण महिलाओं द्वारा बड़े पैमाने पर बीज बॉल (सीड बॉल) तैयार किए गए। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने तथा बंद हो चुके कोलियरी क्षेत्रों के प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक आजीविका के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत की गई।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने साल, करंज, इमली, चिरौंजी और कौड़ी सहित स्थानीय एवं उपयोगी प्रजातियों के बीजों का चयन किया। बीजों को अंकुरण के लिए तैयार करने के उद्देश्य से पहले गोमूत्र में भिगोकर सुखाया गया। इसके बाद उपजाऊ मिट्टी, भूसा, सब्जियों एवं प्याज के छिलके, नीम की पत्तियों तथा अन्य जैविक पदार्थों से तैयार खादयुक्त मिश्रण में बीजों को डालकर बीज बॉल तैयार किए गए।
प्रतिभागियों को बताया गया कि वर्षा ऋतु में इन बीज बॉलों को विभिन्न स्थानों पर फैलाया जाएगा, जिससे अनुकूल परिस्थितियों में बीजों का अंकुरण होकर नए पौधे विकसित हो सकें। विशेषज्ञों ने कहा कि बीज बॉल तकनीक कम लागत में अधिक क्षेत्र में वृक्षारोपण का प्रभावी माध्यम है, जो हरित आवरण बढ़ाने के साथ भूमि संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन में भी मददगार साबित होती है।
कार्यक्रम में बंद हो चुकी कोलियरियों से प्रभावित परिवारों के लिए प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित वैकल्पिक आजीविका के अवसरों पर भी चर्चा की गई। महुआ, चिरौंजी, साल बीज, करंज और अन्य वनोपजों के संरक्षण एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से ग्रामीणों की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन एक-दूसरे के पूरक हैं तथा सामुदायिक भागीदारी से दोनों उद्देश्यों को एक साथ प्राप्त किया जा सकता है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण बनाने का संकल्प लिया। साथ ही सभी ग्रामीणों से 5 जून को आयोजित सामुदायिक वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।