रांची, झारखंड : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज होती जा रही हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस ने भी अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी हाईकमान की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय शर्मा शनिवार को रांची पहुंचे। उनके आगमन पर प्रदेश कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
रांची पहुंचने के बाद दोनों नेता राज्यसभा चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पार्टी नेताओं, विधायकों और महागठबंधन के सहयोगी दलों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में होने वाली बैठकों में चुनावी रणनीति, विधायकों के समन्वय और गठबंधन की साझा भूमिका पर विस्तार से विचार किया जाएगा।
रांची एयरपोर्ट पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश समेत कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दोनों पर्यवेक्षकों का स्वागत किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में चुनाव को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। नेताओं ने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगा और उसके उम्मीदवार को व्यापक समर्थन मिलेगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राज्यसभा चुनाव झारखंड की गठबंधन राजनीति के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनाव के दौरान सभी सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे और रणनीतिक रूप से कोई चूक न हो। इसी उद्देश्य से केंद्रीय नेतृत्व ने अनुभवी नेताओं को पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी सौंपी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता इस बात का संकेत है कि पार्टी चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है। वहीं महागठबंधन के भीतर सीटों और उम्मीदवारों को लेकर जारी चर्चाओं पर भी सभी की नजर बनी हुई है। विशेष रूप से झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा दूसरे संभावित उम्मीदवार के नाम को लेकर होने वाले फैसले का इंतजार राजनीतिक हलकों में उत्सुकता के साथ किया जा रहा है।
आने वाले दिनों में महागठबंधन की बैठकों और उम्मीदवारों की अंतिम घोषणा के साथ राज्यसभा चुनाव की तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।