रांची (झारखंड) : झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपने पहले उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक बैद्यनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। हालांकि दूसरी सीट के लिए प्रत्याशी के नाम पर अभी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, झामुमो नेतृत्व दूसरे उम्मीदवार को लेकर सहयोगी दलों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार विचार-विमर्श कर रहा है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही दूसरे नाम की भी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन के भीतर बैठकों का दौर जारी है और सीटों के समीकरणों पर मंथन चल रहा है।
बैद्यनाथ राम लंबे समय से झारखंड की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और लातेहार क्षेत्र से कई बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। राजनीतिक जीवन में उन्होंने विभिन्न दलों के साथ काम करते हुए क्षेत्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है। झारखंड गठन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने पहली बार विधानसभा पहुंचकर राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में झामुमो के उम्मीदवार के रूप में उन्होंने लातेहार सीट से जीत दर्ज की थी। उस चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराकर क्षेत्र में मजबूत जनाधार का प्रदर्शन किया था। संगठन के प्रति उनकी सक्रियता और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के लिए उपयुक्त चेहरा माना है।
लातेहार विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से बैद्यनाथ राम और प्रकाश राम के बीच राजनीतिक मुकाबला चर्चा का विषय रहा है। अलग-अलग चुनावों में दोनों नेताओं ने इस सीट पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है, जिससे यह क्षेत्र राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक सीटों में शामिल रहा है।
राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही महागठबंधन और एनडीए दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बनाने में जुटे हैं। ऐसे में बैद्यनाथ राम के नाम की घोषणा को झामुमो का महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम माना जा रहा है। अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा दूसरे उम्मीदवार के नाम को लेकर केंद्रित है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।