रांची, झारखंड : झारखंड में राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया के दौरान तीन प्रमुख उम्मीदवारों ने अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इनमें परिमल नाथवानी ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में, जबकि बैजनाथ राम ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और प्रणव झा ने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन किया। तीनों उम्मीदवारों ने दो-दो सेटों में अपने नामांकन पत्र जमा किए।
निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने नामांकन दाखिल करने के बाद अपनी जीत को लेकर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि झारखंड के विकास और जनहित के मुद्दों पर उन्होंने पिछले कई वर्षों से लगातार काम किया है। खुद को बाहरी बताए जाने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नाथवानी ने कहा कि उनके कार्य और राज्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ही उनकी पहचान है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने झारखंड के विकास से जुड़े कई मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है।
नाथवानी के नामांकन को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि उनके प्रस्तावकों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के कई विधायक शामिल हैं। इससे चुनावी समीकरणों को लेकर अटकलों का दौर भी शुरू हो गया है।
वहीं झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम ने नामांकन के बाद कहा कि यदि उन्हें जनता और विधायकों का समर्थन मिलता है तो वे राज्य के हितों की मजबूती से पैरवी करेंगे। उन्होंने झारखंड के विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को अपनी प्राथमिकताओं में बताया।
कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा के नामांकन में महागठबंधन के सहयोगी दलों का समर्थन भी देखने को मिला। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायकों ने उनके प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर किए। इसे महागठबंधन की एकजुटता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
नामांकन प्रक्रिया के साथ ही राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें आगामी चुनावी प्रक्रिया और विभिन्न दलों के समर्थन के समीकरणों पर टिकी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक बैठकों और समर्थन जुटाने की गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।