रामगढ़, झारखंड : विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल अधिकारों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए कार्यरत संस्था अग्रगति ने जिला प्रशासन, पुलिस एवं संबंधित विभागों के सहयोग से दो बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया। साथ ही, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (डीएलएसए) रामगढ़ के कॉन्फ्रेंस हॉल में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
राज्य सरकार द्वारा जून माह को बाल मजदूरी के खिलाफ “एक्शन मंथ” के रूप में मनाने के निर्देश के तहत अग्रगति ने विभिन्न विभागों के साथ मिलकर बाल श्रम उन्मूलन एवं बाल तस्करी रोकथाम अभियान चलाया। अभियान के दौरान जिले के विभिन्न वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत 12 एवं 13 वर्ष आयु के दो बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि बच्चों से असुरक्षित एवं शोषणकारी परिस्थितियों में कार्य कराया जा रहा था, जिससे उनके स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। बच्चों को मुक्त कराए जाने के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है तथा उनके पुनर्वास, मुआवजा और अन्य अधिकारों को सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर नेशनल एंटी ट्रैफिकिंग कैंपेन के तहत डीएलएसए रामगढ़ के कॉन्फ्रेंस हॉल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला न्यायाधीश मो. तौफ़ीकुल हसन, डीएलएसए सचिव अनिल कुमार, श्रम अधीक्षक अनिल कुमार रंजन, सीडब्ल्यूसी सदस्य रंजीत कुमार तथा अग्रगति के परियोजना प्रभारी किरण शंकर दत्त ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मो. तौफ़ीकुल हसन ने कहा कि बाल श्रम बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार है। उन्होंने कहा कि समुदाय, अभिभावकों और विभिन्न विभागों के संयुक्त प्रयासों से ही बाल श्रम मुक्त समाज का निर्माण संभव है।
डीएलएसए सचिव अनिल कुमार एवं अन्य अधिकारियों ने बाल अधिकारों, बाल संरक्षण तथा बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 एवं संशोधित अधिनियम, 2016 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान अग्रगति की सामुदायिक कार्यकर्ता इशरत जहां एवं पीएलवी रविंद्र कुमार ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण और बाल तस्करी की रोकथाम से जुड़े अपने अनुभव साझा किए तथा लोगों से बाल श्रम एवं बाल तस्करी की घटनाओं की सूचना तत्काल संबंधित विभागों को देने की अपील की।
अग्रगति के निदेशक किरण शंकर दत्त ने कहा कि बाल श्रम बच्चों से उनका बचपन, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का अधिकार छीन लेता है। उन्होंने कहा कि संस्था जिला प्रशासन और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर बाल तस्करी और बाल श्रम के खिलाफ लगातार कार्य करती रहेगी तथा प्रत्येक बच्चे के समुचित पुनर्वास को सुनिश्चित करेगी।
उल्लेखनीय है कि अग्रगति, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन (जेआरसी) नेटवर्क का सहयोगी संगठन है। नेटवर्क के सहयोग और सूचना-साझाकरण तंत्र के माध्यम से देशभर में बाल तस्करी एवं बाल श्रम के मामलों की पहचान, रोकथाम और बच्चों के बचाव में महत्वपूर्ण सफलताएं प्राप्त हुई हैं।