रामगढ़, झारखंड : शांतिधारा फ़ाउन्डेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष सुरेश पी अग्रवाल ने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को ईमेल भेजकर कैंसर उपचार में उपयोग होने वाली दो महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं — सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन — की कीमतों में वृद्धि के निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। ईमेल की प्रतिलिपि प्रधान मंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है।
अपने पत्र में सुरेश पी. अग्रवाल ने कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि मंत्रालय द्वारा कैंसर उपचार में व्यापक रूप से प्रयुक्त इन दोनों दवाओं के मूल्यों में वृद्धि की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि सिस्प्लैटिन और कार्बोप्लैटिन कीमोथेरेपी उपचार की आधारभूत दवाएं हैं और इनका उपयोग फेफड़े, अंडाशय, गर्भाशय ग्रीवा, सिर एवं गर्दन, मूत्राशय तथा पाचन तंत्र से जुड़े विभिन्न प्रकार के कैंसरों के उपचार में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लाखों कैंसर मरीजों की जीवन की आशा इन दवाओं पर टिकी हुई है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में वृद्धि से मरीजों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने उल्लेख किया कि कैंसर का उपचार पहले से ही अत्यंत महंगा है और मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के परिवार इस बीमारी के वित्तीय दबाव से जूझ रहे हैं।
ईमेल में उन्होंने मंत्री से आग्रह किया है कि “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की भावना को सर्वोपरि रखते हुए जीवनरक्षक दवाओं की मूल्य वृद्धि के निर्णय पर मानवीय संवेदनाओं के आधार पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार इस अनुरोध को गंभीरता से लेते हुए मरीजों के हित में उचित और त्वरित निर्णय करेगी, जिससे असंख्य कैंसर रोगियों को राहत मिल सकेगी।