रामगढ़ (झारखंड) : शुक्रवार को उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय डेवलपमेंट टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समग्र विकास, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के आलोक में अब तक हुई कार्य प्रगति की पीपीटी के माध्यम से क्रमवार समीक्षा की। उन्होंने बताया कि टास्क फोर्स के अंतर्गत विकास शाखा दो अलग-अलग विंग में कार्य करेगी। पहला विंग जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (डीएमएफटी) से संबंधित योजनाओं पर कार्य करेगा, जबकि दूसरा विंग विभिन्न विकास योजनाओं के समन्वय एवं क्रियान्वयन पर ध्यान देगा। इसमें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर), सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमपीएलएडी) तथा विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास निधि (एमएलएएलएडी) से संचालित योजनाएं शामिल होंगी।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामगढ़ जिले के विकास को नई दिशा देना है। इसके तहत डीएमएफटी के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आधारभूत संरचना, कौशल विकास एवं अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण और स्थायी परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के चयन एवं क्रियान्वयन में स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित फाइलों एवं प्रस्तावों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा तथा सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से कार्य करें।
उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों से विकास योजनाओं को लेकर सुझाव भी प्राप्त किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक एवं जनहितकारी प्रस्ताव उपलब्ध कराएं, ताकि जिले के विकास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।