अवैध कोयला खनन बना काल, ऑक्सीजन की कमी से चार युवकों की मौत

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अरगड्डा की बंद खदान में हुआ दर्दनाक हादसा, अवैध खनन पर उठे सवाल

फंसे चारो युवकों को निकालती माइंस रैस्क्यू की टीम

रामगढ़ (झारखंड) : रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र अंतर्गत अरगड्डा की बंद पड़ी भूमिगत कोयला खदान में शनिवार सुबह अवैध कोयला खनन के दौरान चार युवकों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे की वजह खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी बताई जा रही है।

घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है।

दुर्घटना स्थल पर पहुंची माइंस रेस्क्यू की टीम

जानकारी के अनुसार अरगड्डा की बंद पड़ी बी सीम भूमिगत खदान व काजू बगान के जंगल क्षेत्र में लगभग 40 फीट लंबे व 30 फीट गहरे अवैध खदान के अंदर टोंगी गांव के देवकुमार बेदिया (25 वर्ष), डब्ल्यू बेदिया (30 वर्ष) कोयला निकालने के लिए सुबह 8.30 बजे गये थे. बाद में सिरका बुधबाजार क्षेत्र के आशीष सिंह घटवार (25 वर्ष) व किशोर रवानी (25 वर्ष) भी खदान के अंदर गये थे. बताया जाता है कि इसी दौरान वे सभी बेहोश होकर गिर पड़े. घटना की सूचना मिलते ही नयीसराय माइंस रेस्क्यू की टीम दिन के 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची और अभियान चलाकर चारों लोगों को बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें रामगढ़ सदर अस्पताल ले जाया गया. जहां चिकित्सकों ने सभी को मृत घोषित कर दिया. हालांकि दो लोगों को यहां से पहले होप अस्पताल रामगढ़ ले जाया गया था.

घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन को जानकारी दी। इसके बाद कुजू पुलिस तथा नयीसराय माइंस रेस्क्यू की टीम करीब 11 बजे घटनास्थल पर पहुंची। रेस्क्यू टीम ने लगभग आधे घंटे के अभियान के बाद चारों युवकों को बाहर निकाला और इलाज के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

माइंस रेस्क्यू टीम के सदस्य विकास कुमार ने बताया कि खदान के भीतर ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ लोग गैस रिसाव की आशंका भी जता रहे हैं। घटनास्थल पर अग्निशमन विभाग की टीम और मेडिकल टीम भी मौजूद रही।

इस दर्दनाक घटना ने कोयलांचल क्षेत्र में बंद खदानों में जारी अवैध खनन के खतरनाक स्वरूप को एक बार फिर उजागर कर दिया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी रोक नहीं लग पाने को लेकर पुलिस, प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।