मनरेगा कर्मियों को तीन दिनों के भीतर कार्य पर लौटने का निर्देश, अन्यथा होगी कार्रवाई

Spread the love

रामगढ़, झारखंड :मनरेगा योजना के प्रभावी संचालन एवं ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रामगढ़ जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण आम सूचना जारी की है। प्रशासन ने हड़ताल पर चल रहे मनरेगा कर्मियों से तीन दिनों के भीतर अपने कार्यस्थल पर लौटने की अपील करते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि में योगदान नहीं देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार के निर्देशों के आलोक में यह कदम उठाया गया है। बताया गया है कि मनरेगा अधिनियम, 2005 के तहत कार्यरत कुछ संविदा आधारित क्षेत्रीय कर्मी मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिसके कारण योजना के संचालन और ग्रामीण मजदूरों को समय पर रोजगार उपलब्ध कराने में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं।

प्रशासन ने कहा है कि मनरेगा एक मांग आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत कार्य की मांग करने वाले ग्रामीणों को निर्धारित समय सीमा के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। ऐसे में क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कर्मियों की भूमिका योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड, रांची द्वारा जारी निर्देशों के आधार पर सभी हड़ताली मनरेगा कर्मियों को सूचना प्रकाशन की तिथि से तीन दिनों के भीतर अपनी हड़ताल समाप्त कर संबंधित प्रखंड कार्यालयों में योगदान देने को कहा गया है।

सेवा में वापस नहीं लौटने पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मियों के बारे में यह माना जाएगा कि वे संविदा सेवा जारी रखने के इच्छुक नहीं हैं। साथ ही इसे मनरेगा अधिनियम, 2005 की भावना और प्रावधानों के विपरीत आचरण माना जाएगा।

प्रशासन ने कहा कि ऐसी स्थिति में जनहित, ग्रामीण विकास कार्यों की निरंतरता तथा मनरेगा योजना के प्रभावी संचालन को ध्यान में रखते हुए संबंधित कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जनहित में सहयोग की अपील

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित मनरेगा कर्मियों से आग्रह किया है कि वे ग्रामीण मजदूरों के हित, रोजगार सृजन और विकास कार्यों की निरंतरता को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र अपने कार्य पर लौटें तथा मनरेगा योजना के सफल क्रियान्वयन में सहयोग करें।

प्रशासन का मानना है कि योजना के सुचारू संचालन से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और विकास कार्यों को गति मिलेगी, जिससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों को लाभ प्राप्त होगा।