राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश, दाखिल-खारिज व लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर

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रामगढ़, झारखंड : उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में राजस्व, नीलाम पत्र वाद, दाखिल-खारिज, परिशोधन पोर्टल तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के राजस्व संग्रहण की स्थिति, लंबित मामलों के निष्पादन और आपदा प्रबंधन की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।

राजस्व लक्ष्य हासिल करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने आंतरिक संसाधन, उत्पाद, खनन, परिवहन, विद्युत समेत विभिन्न विभागों से प्राप्त राजस्व लक्ष्य और अब तक की उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने सभी विभागों को आगामी एक माह तक विशेष अभियान चलाकर निर्धारित राजस्व लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने अधिकारियों से बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी के माध्यम से राजस्व वसूली कार्यों में तेजी लाने को कहा, ताकि जिले के राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि सुनिश्चित हो सके।

नीलाम पत्र वादों के त्वरित निष्पादन पर जोर

बैठक में लंबित नीलाम पत्र वादों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला एवं अनुमंडल स्तर के अधिकारियों के साथ सभी अंचल अधिकारियों को बैंक प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी।

आपदा प्रबंधन को लेकर सतर्क रहने के निर्देश

मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए उपायुक्त ने आपदा प्रबंधन से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों की पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने तथा आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

साथ ही उन्होंने कहा कि आम लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

दाखिल-खारिज और परिशोधन पोर्टल की समीक्षा

बैठक के दौरान मैनेजर आईटी वेदांत कुमार ने अंचलवार विभिन्न राजस्व कार्यों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की। दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सेवा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने तथा सभी लंबित मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने सभी अंचलों में न्यायालय संबंधी मामलों की कॉज लिस्ट नियमित रूप से अद्यतन रखने को भी कहा, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

परिशोधन पोर्टल के माध्यम से भूमि अभिलेख सुधार एवं अन्य सेवाओं से संबंधित लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को सभी मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आमजन को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में अपर समाहर्ता मनींद्र भगत, अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिर्की, भूमि सुधार उपसमाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, विभिन्न जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।