रांची (झारखंड) :राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय पर मंगलवार देर रात पेट्रोल बम से हमले की कोशिश का मामला सामने आया है। राहत की बात यह रही कि दोनों पेट्रोल बम कार्यालय परिसर के बाहर ही गिर गए, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और न ही किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान हुआ।
पुलिस के अनुसार, दो अज्ञात युवकों ने चिली सॉस की बोतलों में पेट्रोल भरकर उन्हें पेट्रोल बम के रूप में इस्तेमाल किया। सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवक कार्यालय के बाहर संदिग्ध गतिविधियां करते नजर आए हैं। फुटेज में देखा गया कि एक युवक बोतल में आग लगाने के बाद उसे कार्यालय की ओर फेंकता है।
जांच में सामने आया है कि पहला पेट्रोल बम फेंके जाने के दौरान उसमें लगी जलती हुई सुतली जमीन पर ही गिर गई, जिससे वह प्रभावी नहीं हो सका। इसके बाद दूसरा पेट्रोल बम फेंका गया, लेकिन वह भी कार्यालय की बाउंड्री पार नहीं कर सका और बाहर ही गिर गया। इस कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी जांच में लगाया गया है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध युवकों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
सिटी एसपी ने बताया कि घटना सुनियोजित प्रतीत होती है। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस स्थानीय विवाद के एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आरएसएस कार्यालय के समीप स्थित एक होटल के कर्मचारियों पर संदेह जताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पूर्व कार्यालय से जुड़े लोगों ने होटल के खिलाफ गंदगी एवं अन्य मुद्दों को लेकर शिकायत की थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना की जानकारी मिलते ही भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी सहित कई विधायक और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की।
फिलहाल सिटी डीएसपी केवी रमण के नेतृत्व में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। पुलिस का दावा है कि उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।