रामगढ़, झारखंड: आगामी मोहर्रम पर्व के शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को टाउन हॉल, रामगढ़ में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त ऋतुराज ने की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत, जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी, विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में उपायुक्त ने मोहर्रम पर्व की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपस्थित सदस्यों से सुझाव प्राप्त किए। उन्होंने कहा कि रामगढ़ जिला आपसी भाईचारे, सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल रहा है तथा इस परंपरा को बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की।
उपायुक्त ने बताया कि पर्व को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। जुलूस मार्गों का सत्यापन कराया जा रहा है तथा संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक मुकेश Kumar लुनायत ने कहा कि मोहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि अथवा भड़काऊ सामग्री की जानकारी तुरंत प्रशासन एवं पुलिस को देने का अनुरोध किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं से बचने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बैठक के दौरान शांति समिति के सदस्यों ने जुलूस मार्गों की साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, यातायात प्रबंधन समेत अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव दिए। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह फैलने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करने की अपील की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि मोहर्रम के सभी जुलूस निर्धारित मार्गों से ही संचालित किए जाएंगे तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा सभी समुदायों के बीच आपसी संवाद और समन्वय बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और पर्व को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जिलेवासियों से सहयोग, संयम और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।