रामगढ़, झारखंड : भूमि अधिग्रहण मुआवजा भुगतान से जुड़े एक पुराने मामले में रामगढ़ सिविल कोर्ट ने झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेयूवीएनएल) के पतरातू कार्यालय की अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है। अदालत ने लगभग 4.75 करोड़ रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए यह कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-II सह विशेष न्यायाधीश (एल.ए.) की अदालत ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मुआवजा मामले में यह आदेश पारित किया। यह मामला वर्ष 1990 के एक लैंड रेफरेंस केस तथा उससे जुड़े लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन केस से संबंधित बताया गया है।
न्यायालय के अभिलेखों के अनुसार, वर्ष 2006 में पारित अवार्ड के तहत प्रभावित पक्षों को मुआवजा राशि का भुगतान किया जाना था। इसमें मूल मुआवजा के साथ वार्षिक ब्याज भी शामिल है। अदालत ने पाया कि निर्धारित राशि का भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जिसके कारण कुल देय राशि बढ़कर लगभग 4 करोड़ 75 लाख 26 हजार रुपये से अधिक हो गई है।
अदालत ने मामले में नियुक्त बेलिफ को निर्देश दिया है कि वह जेयूवीएनएल के पतरातू कार्यालय से संबंधित अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया पूरी कर उसकी रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करें। इसके लिए रिपोर्ट जमा करने की अंतिम तिथि 3 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।
बताया गया है कि कुर्की वारंट 24 जून 2026 को जारी किया गया। यह मामला रामगढ़ न्यायमंडल के सबसे पुराने भूमि अधिग्रहण विवादों में से एक माना जा रहा है और अब न्यायालय के आदेश के बाद इसकी सुनवाई और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।