रामगढ़ कैंट, (झारखंड) : रामगढ़ शहर के मेन रोड स्थित सुभाष चौक के निकट नारायणी कॉम्प्लेक्स से सटे एक दुकान को खाली कराने को लेकर गुरुवार को दिनभर हंगामे की स्थिति बनी रही। घटना को लेकर पूरे रामगढ़ शहर में चर्चा का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, नारायणी कॉम्प्लेक्स के मालिक अधिवक्ता भगवान मिश्र ने पूर्व में पंजाब पुस्तक भवन, जिसका नाम अब बदलकर सिंह स्टेशनरी हाउस हो गया है, को खाली कराने के लिए न्यायालय में वाद दायर किया था। मामले में न्यायालय द्वारा दुकान खाली कराने का आदेश पारित किया गया था तथा आदेश के अनुपालन के लिए दंडाधिकारी की नियुक्ति की गई थी।
गुरुवार को नियुक्त दंडाधिकारी पुलिस बल के साथ दुकान खाली कराने पहुंचे। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में लोग जुट गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। विरोध कर रहे लोगों का कहना था कि न्यायालय के आदेश में जिस दुकान को खाली कराने की बात कही गई है, वह सिंह स्टेशनरी हाउस नहीं बल्कि उसके बगल में स्थित खाली एवं जर्जर दुकान है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकान मालिक और कुछ अन्य लोगों के बीच बहस और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि दंडाधिकारी और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे न्यायालय के आदेश का पालन कराने पहुंचे हैं और उसी के अनुरूप कार्रवाई की जा रही है।
इस दौरान दुकान संचालक द्वारा कुछ सामान टेंपो के माध्यम से हटाया भी गया। बाद में हटाए गए सामान की जिम्मेदारी को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जिससे कार्रवाई में व्यवधान आया। मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार विरोध और हंगामा करते रहे।
शाम होने पर दंडाधिकारी ने कहा कि समय अधिक हो जाने तथा 26 जून को मुहर्रम और उसके बाद अवकाश रहने के कारण दुकान खाली कराने की शेष प्रक्रिया छुट्टी समाप्त होने के बाद पूरी की जाएगी।
प्रशासनिक टीम और पुलिस बल के लौट जाने के बाद भी नारायणी कॉम्प्लेक्स तथा संबंधित दुकान के सामने कुछ लोग जमा रहे। देर शाम तक वहां बहस और गाली-गलौज का माहौल बना रहा। मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच विभिन्न तरह की चर्चाएं होती रहीं। आश्चर्य जनक रूप से कुछ ऐसे लोग भी जुटे हुये थे तथा गाली गलौज कर रहे थे। जो रामगढ़ में होने वाले हर जमीन विवाद के दौरान जमीन पर विवाद की स्थिति में नजर आते हैं तथा हंगामा करते हैं।