रामगढ़, झारखंड : जिला ग्रामीण विकास शाखा, रामगढ़ के तत्वावधान में गुरुवार को समाहरणालय परिसर में एक दिवसीय “आमोत्सव-सह-बागवानी मेला” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि उपायुक्त श्री ऋतुराज एवं विशिष्ट अतिथि उप विकास आयुक्त श्री आशीष अग्रवाल, अनुमंडल पदाधिकारी श्री कृष्ण मुरारी तिर्की, गोपनीय प्रभारी श्री रविंद्र कुमार गुप्ता तथा सांसद प्रतिनिधि श्री राजीव जायसवाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
मेले का उद्देश्य जिले के प्रगतिशील किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से अवगत कराना, उनके द्वारा उत्पादित आम एवं अन्य बागवानी फसलों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना था।
मेले में कृषि विज्ञान केंद्र रामगढ़, मनोन्नती एफपीओ तथा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए किसानों ने मालदा, लंगड़ा, जर्दालू, आम्रपाली और मल्लिका समेत उन्नत किस्म के आमों की प्रदर्शनी लगाई। इसके अलावा औषधीय, सजावटी और फलदार पौधों के आकर्षक स्टॉल भी लगाए गए। उपायुक्त और उप विकास आयुक्त ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर किसानों के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा कि रामगढ़ जिले में बागवानी, विशेषकर आम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। ऐसे आयोजनों से किसानों को सीधे बाजार से जुड़ने का अवसर मिलता है और वे एक-दूसरे के अनुभवों से सीखकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण, उन्नत बीज एवं तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उप विकास आयुक्त श्री आशीष अग्रवाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें वैज्ञानिक बागवानी एवं नकदी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने मनरेगा सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से आम एवं मिश्रित बागवानी को बढ़ावा देने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान हाल ही में रामगढ़ जिले में उत्पादित आमों को दुबई और यूनाइटेड किंगडम (यूके) भेजने की उपलब्धि में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पदाधिकारियों, कर्मियों और प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले प्रदान एनजीओ को भी सम्मानित किया गया।
मेले में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, कृषि विशेषज्ञों, स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की महिलाओं एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा आयोजित तकनीकी सत्र में किसानों को कीट प्रबंधन, पौध संरक्षण तथा फसलों के बेहतर रखरखाव से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
यह आयोजन किसानों को नई तकनीकों, बेहतर विपणन अवसरों और आधुनिक बागवानी के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।