कुजू (रामगढ़), झारखंड : सीसीएल तोपा परियोजना में पिछले कई दिनों से खड़े कोयला लदे ट्रकों को छोड़ने की मांग को लेकर गुरुवार को कोयला कारोबारियों, अधिकृत लिफ्टरों और ट्रक मालिकों ने परियोजना पदाधिकारी (पीओ) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। कारोबारियों ने ट्रकों को लंबे समय तक रोके जाने पर आपत्ति जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।
झारखंड कोल ट्रेडर्स ट्रस्ट के अध्यक्ष काशीनाथ महतो के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कई ट्रक पिछले आठ दिनों से कोयला लोड होने के बावजूद खड़े हैं, जिससे कारोबारियों और वाहन मालिकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने ट्रकों को बिना विलंब छोड़े जाने की मांग करते हुए पूरी प्रक्रिया को जल्द पूरा कराने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के दौरान तोपा परियोजना पदाधिकारी सुशील कुमार सिंह एवं डिस्पैच ऑफिसर निलेश कुमार ने ज्ञापन प्राप्त किया। अधिकारियों ने कहा कि मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा तथा संबंधित सक्षम अधिकारियों द्वारा आवश्यक जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, ट्रकों के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जिला स्तर के सक्षम अधिकारियों से जांच कराई जा रही है। इसी क्रम में मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) द्वारा तोपा परियोजना के कांटाघर पहुंचकर कोयला लदे ट्रकों के दस्तावेजों की जांच किए जाने की भी सूचना है।
मौके पर झारखंड कोल ट्रेडर्स ट्रस्ट के अध्यक्ष काशीनाथ महतो के अलावा दानिश खान, मुकेश अगरिया, संजय मोदी, अवधेश कुमार, किशोर करमाली, रंजीत सिंह, मोहम्मद इस्लाम, जाहिद अंसारी, नीरज सिंह, दामोदर सिंह, सदानंद महतो, इमरान, सुजात, आतीक, बबन, रघुनंदन केशरी, समीम, सलमान, लुकमान सहित बड़ी संख्या में कोयला कारोबारी, डीओधारक, लिफ्टर एवं ट्रक मालिक उपस्थित रहे।
तोपा में कोयला लदे ट्रकों का मामला लोगों की समझ से परे
तोपा में कोयला लदे ट्रकों का मामला लोगों की समझ से परे हो गया है। प्रतिदिन जांच के नाम पर कोई ना कोई प्रशासनिक अधिकारी पहंुच जा रहे हैं। डीटीओ, डीएमओ व आज एमवीआई कोयला व ट्रकों की जांच कर चुके हैं। लेकिन मामला क्या है यह बताने से हर कोई कतरा रहा है। लेकिन यह चर्चा आम है कि तोपा से लोड हो कर निकले ट्रक से बारलौंग में एक वाहन टकराया तथा आठ लोगों की मौत हो गयी। चर्चा के अनुसार उन लोगों को मुआवजा देने के लिए दबाव सीसीएल तोपा कोलियरी व सेल सेंटर पर बनाया जा रहा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि रोड एक्सीडेंट में सीसीएल व सेल सेंटर मुआवजा क्यों दें। वैसे कुछ माह पूर्व सीसीएल के करमा प्रोजेक्ट में अवैध खनन करते कुछ लोग मर गये थे। दबाव बना कर सीसीएल से उन लोगों को मुआवजा दिलाया गया गया था। वैसे ना तो प्रशासन व ना रही सीसीएल के अधिकारी इस बारे में कुछ कहने को तैयार हैं तथा आठ दिन से कोयला लोड ट्रकें खड़ी हैं। इससे ट्रक मालिक, डीओ होल्डर और साथ साथ सीसीएल को नुकसान पहुंच रहा है।