रामगढ़ (झारखंड) : माननीय उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मां छिन्नमस्तिका सिद्ध पीठ रजरप्पा मंदिर के पुनर्विकास, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। शनिवार को उपायुक्त ऋतुराज एवं पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत की संयुक्त अध्यक्षता में मंदिर परिसर स्थित प्रशासनिक भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसके बाद अधिकारियों ने पूरे मंदिर परिसर का विस्तृत स्थल निरीक्षण भी किया।
बैठक में पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण के बाद वन क्षेत्रों में दोबारा अतिक्रमण रोकने, वन भूमि के सीमांकन तथा मंदिर की भूमि और वन पट्टा से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वन भूमि का स्पष्ट डिमार्केशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मंदिर के सुचारू संचालन के लिए पूर्व में गठित ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने ट्रस्ट समिति से सभी आवश्यक दस्तावेज और आवेदन उपलब्ध कराने को कहा, ताकि ट्रस्ट के पुनर्गठन पर आगे विचार किया जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए मंदिर परिसर के प्रमुख स्थानों पर ऑनलाइन दर्शन की व्यवस्था हेतु एलईडी टीवी लगाने तथा पारदर्शी दान व्यवस्था के लिए क्यूआर कोड स्थापित करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर की तर्ज पर रजरप्पा मंदिर की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। पूरे परिसर में 24 घंटे निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने और अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित करने की योजना पर विचार किया गया।
मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से आसपास शराब की अवैध बिक्री और सेवन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए उत्पाद विभाग को नियमित छापेमारी के निर्देश दिए गए। वहीं श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासनिक भवन के समीप स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने हेतु सीसीएल प्रबंधन को आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित बस स्टैंड, भव्य प्रवेश एवं निकास द्वार, पक्का घाट, दुकानों के निर्माण सहित विभिन्न आधारभूत संरचनाओं के लिए चिन्हित स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया गया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन दुकानदारों को माननीय उच्च न्यायालय एवं झारखंड सरकार के निर्देशों के तहत पूर्व में हटाया गया है, उनका पुनर्वास उपलब्ध खाली स्थानों पर व्यवस्थित ढंग से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रजरप्पा मंदिर झारखंड का प्रमुख आस्था केंद्र है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात तथा आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समय सीमा के भीतर विकास योजनाओं को पूरा करें।
बैठक एवं निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता मनींद्र भगत, अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण मुरारी तिरकी, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता, मुख्यालय डीएसपी, चितरपुर एवं गोला के अंचल अधिकारी, जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी, मंदिर न्यास समिति के सदस्य तथा स्थानीय दुकानदार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।